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आरएमएस हाई स्कूल सोनारी का सिल्वर जुबली समारोह XLRI में भव्यता के साथ संपन्न, 37 से 1394 छात्रों तक का प्रेरणादायक सफर

जमशेदपुर: शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार आरएमएस हाई स्कूल, खुंटाडीह (सोनारी) ने अपने स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सिल्वर जुबली समारोह का भव्य आयोजन किया। यह कार्यक्रम XLRI के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जहां छात्रों, पूर्व छात्रों, अभिभावकों, शिक्षाविदों और गणमान्य नागरिकों की भारी उपस्थिति रही। खचाखच भरे ऑडिटोरियम में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला।

समारोह का शुभारंभ राजस्थान मैत्री संघ (RMS) के अध्यक्ष संजय केडिया और विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. परिणीता शुक्ला ने संयुक्त रूप से अतिथियों के स्वागत के साथ किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सुनीता मुखर्जी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सौरभ तिवारी उपस्थित रहे।

प्रधानाचार्या डॉ. परिणीता शुक्ला ने अपने संबोधन में विद्यालय की 25 वर्षों की विकास यात्रा को साझा करते हुए बताया कि स्कूल ने वर्ष 1999 में मात्र 37 छात्रों और हिंदी माध्यम से अपनी शुरुआत की थी। उस समय विद्यालय केवल कक्षा 5 तक संचालित होता था। आज यह संस्थान CBSE से संबद्ध 10+2 अंग्रेजी माध्यम का एक आधुनिक विद्यालय बन चुका है, जहां 1394 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में विद्यालय को कक्षा 10वीं के लिए सीबीएसई की मान्यता प्राप्त हुई थी।

मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की सराहना करते हुए छात्रों को प्रेरित किया। सौरभ तिवारी और डॉ. सुनीता मुखर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि “आज के छात्र ही कल के भारत के कर्णधार हैं” और देश का भविष्य इन्हीं के हाथों में सुरक्षित है। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में विद्यालय के योगदान को भी सराहा।

कार्यक्रम को सफल बनाने में राजस्थान मैत्री संघ की अहम भूमिका रही। इस अवसर पर संघ के उपाध्यक्ष मनीष जैन, कुमुद अग्रवाल, सचिव सुशील अग्रवाल, कोषाध्यक्ष संजीव बधान, सहायक सचिव वंदना जैन और चंदन काउंटिया सहित कई ट्रस्टी एवं एकेडमिक डेवलपमेंट काउंसिल के सदस्य उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में विद्यालय के विकास में योगदान देने वाले सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन न केवल विद्यालय के गौरवशाली इतिहास का उत्सव बना, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए नई प्रेरणा भी दे गया।

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