जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में ग्रामीण विकास योजनाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने मनरेगा अंतर्गत चयनित 13 कनीय अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। समाहरणालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नव नियुक्त अभियंताओं को उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने की सलाह दी।
उपायुक्त ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) न सिर्फ ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम है, बल्कि यह गांवों में आधारभूत संरचना के निर्माण और स्थायी परिसंपत्तियों के सृजन का भी प्रमुख साधन है। ऐसे में कनीय अभियंताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वे योजनाओं की तकनीकी गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हैं।
उन्होंने सभी अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से भ्रमण करें, योजनाओं का स्थल निरीक्षण करें तथा कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।
ग्रामीण विकास अभिकरण के माध्यम से नियुक्त इन अभियंताओं को जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में तैनात किया जाएगा, जहां वे सड़क, तालाब, जल संरक्षण, सिंचाई एवं अन्य विकास कार्यों की तकनीकी निगरानी करेंगे। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वालों में अनुपम साहू, रजेश रंजन, प्रवीण कुमार महतो, आशीष कुमार सिंह, पूजा महाकुड़, शुभम महतो, अमित रितेश कुजूर, राहुल कुजूर, आनंद रोहित कुजूर, जोगेश्वर माण्डी, अखिलेख डहुरिया, मनीष कुमार और अभिजीत बेरा शामिल हैं।
इस अवसर पर निदेशक एनईपी संतोष कुमार गर्ग समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि नव नियुक्त अभियंता अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए जिले के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

