जमशेदपुर।देश की प्रमुख इस्पात उत्पादक कंपनी Tata Steel ने उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर उच्च गुणवत्ता वाले इस्पात उत्पादों की आपूर्ति कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मजबूती प्रदान की जा रही है।
टाटा स्टील ने प्रीमियम गैल्वारोस (जस्ती साधारण इस्पात) की लगभग 13.8 किलो टन आपूर्ति की है। इस इस्पात का उपयोग लगभग 16,14,585 वर्ग फुट क्षेत्र में अत्याधुनिक और सटीक रूप से तैयार किए गए वायु नलिका तंत्र (डक्टिंग प्रणाली) के निर्माण में किया गया है। यह कार्य कंपनी के सहयोगी DS Ductofab Systems Pvt Ltd द्वारा किया जा रहा है, जो हवाई अड्डे के वेंटिलेशन तंत्र को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
परियोजना के टर्मिनल और माल ढुलाई ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए 7,400 मीट्रिक टन टाटा टिस्कॉन ताप-प्रसंस्कृत इस्पात सरिया की आपूर्ति की गई है। इसके साथ ही 227 मीट्रिक टन स्मार्टफैब (वेल्डेड तार जाल) का उपयोग विभिन्न निर्माण कार्यों में किया गया है, जिससे संरचना की मजबूती और टिकाऊपन सुनिश्चित हो रहा है।
इसके अतिरिक्त, टाटा स्टील ट्यूब्स द्वारा लगभग 960 मीट्रिक टन इस्पात पाइप की आपूर्ति की गई है, जिन्हें विभिन्न प्रमुख निर्माणकर्ताओं के माध्यम से परियोजना में उपयोग किया जा रहा है। ये सभी सामग्री मिलकर हवाई अड्डे के ढांचे को मजबूती और सटीकता प्रदान कर रही हैं।
जेवर में बन रहा यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भविष्य में देश के सबसे बड़े और आधुनिक हवाई अड्डों में शामिल होगा। इस परियोजना से न केवल क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार, व्यापार और संपर्क व्यवस्था को भी बड़ा लाभ होगा।
शनिवार को टाटा स्टील ने अपने संदेश में यह स्पष्ट किया है कि कंपनी केवल इस्पात का निर्माण ही नहीं करती, बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव भी तैयार करती है। इसी सोच के साथ कंपनी इस तरह की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही है।

