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Thu. Mar 26th, 2026

बिजली दर बढ़ोतरी पर भाजपा का तीखा विरोध, सरकार पर जनता पर बोझ डालने का आरोप

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला भाजपा ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर झारखंड सरकार पर जोरदार हमला बोला है। जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू ने गुरुवार को जारी प्रेस बयान में कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार कठिन आर्थिक हालात के बीच आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण पहले से ही महंगाई और ऊर्जा संकट का असर लोगों पर पड़ रहा है, ऐसे समय में 8 से 15 प्रतिशत तक बिजली दर बढ़ाना पूरी तरह अनुचित है। उनके अनुसार फिक्स्ड चार्ज में बढ़ोतरी से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ उद्योगों पर भी असर पड़ेगा, जिससे उत्पादन लागत बढ़ेगी और बाजार में महंगाई और तेज हो सकती है।

भाजपा ने राज्य की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में कुल बिजली उपलब्धता 2500 से 3000 मेगावाट के आसपास है, लेकिन राजस्व वसूली और बिलिंग के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है। AT&C लॉस 25 से 30 प्रतिशत तक होना विभागीय लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। पार्टी का आरोप है कि इस कमी की भरपाई आम जनता से की जा रही है।

गीता बालमुचू ने यह भी आरोप लगाया कि जहां आम उपभोक्ताओं से बकाया वसूली के लिए सख्ती बरती जाती है, वहीं सरकारी विभागों और जनप्रतिनिधियों के आवासों पर बकाया करोड़ों रुपये की वसूली नहीं हो रही है। इसे उन्होंने सरकार की दोहरी नीति करार दिया।

अंत में भाजपा ने मांग की कि बिजली दर वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए और ऊर्जा विभाग में पारदर्शिता लाते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा। यह बयान जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र नाथ ओझा द्वारा जारी किया गया।

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