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माँ भगवती मंदिर केरा में 2 से 15 अप्रैल तक बलि और तांत्रिक पूजा पर पूर्ण प्रतिबंध, भक्तों से मर्यादा पालन की अपील

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के केरा स्थित माँ भगवती मंदिर को लेकर एक अहम धार्मिक निर्णय सामने आया है। केरा राज परिवार द्वारा मंदिर की पवित्रता, सनातन परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए 2 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक मंदिर परिसर में बलि प्रथा एवं तांत्रिक पूजा पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान किसी भी प्रकार की पशु बलि या तांत्रिक अनुष्ठान की अनुमति नहीं होगी।

मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार यह निर्णय विशेष धार्मिक कालखंड और देवी उपासना की शुद्ध साधना को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस अवधि में माँ भगवती की आराधना सात्विक विधि से की जाएगी, जिसमें केवल वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन, दुर्गा सप्तशती पाठ और साधारण पूजन-अर्चन ही संपन्न होंगे। श्रद्धालुओं को भी इसी परंपरा का पालन करने का आग्रह किया गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय देवी की आराधना का अत्यंत पवित्र और संवेदनशील काल माना जाता है, जिसमें तामसिक प्रवृत्तियों से दूर रहकर साधना करने का विशेष महत्व होता है। इसी कारण मंदिर प्रशासन ने यह कदम उठाया है ताकि भक्तों को एक शांत, सात्विक और आध्यात्मिक वातावरण मिल सके।

राज परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह निर्णय किसी परंपरा को समाप्त करने के लिए नहीं, बल्कि विशेष समय में धार्मिक अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। निर्धारित अवधि के बाद मंदिर में पूर्व की भांति सभी पारंपरिक विधियां पुनः शुरू कर दी जाएंगी।

इस बीच प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भक्तों से अपील की गई है कि वे मंदिर परिसर में शांति बनाए रखें, नियमों का पालन करें और माँ भगवती की कृपा प्राप्त करें।

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