Breaking
Sat. Mar 14th, 2026

राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड मामलों का निपटारा, 34.68 करोड़ रुपये का हुआ समझौता

चाईबासा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देश पर शनिवार को चाईबासा व्यवहार न्यायालय तथा चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया गया। कार्यक्रम में झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति दीपक रोशन विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने लोक अदालत की विभिन्न पीठों का निरीक्षण किया और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की ओर से किए गए प्रबंधन की सराहना की।

लोक अदालत में इस बार कुल 1 लाख 31 हजार 642 मामलों का निष्पादन किया गया। इनमें प्री-लिटिगेशन और न्यायालय में लंबित दोनों तरह के मामलों को शामिल किया गया। इन मामलों के निपटारे से कुल 34 करोड़ 68 लाख 19 हजार 960 रुपये की समझौता राशि तय हुई, जिससे कई पक्षकारों को त्वरित न्याय मिला।

लोक अदालत के सफल संचालन के लिए चाईबासा व्यवहार न्यायालय में 9 और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय में 3 न्यायपीठों का गठन किया गया था। इन पीठों में आपराधिक शमनीय मामलों के अलावा बिजली विभाग से जुड़े मामले, मोटर दुर्घटना क्लेम, कुटुंब न्यायालय से संबंधित विवाद और अन्य सिविल मामलों की सुनवाई की गई। लोक अदालत के माध्यम से 2528 आपराधिक शमनीय वाद, बिजली विभाग के 84 मामले, मोटर दुर्घटना क्लेम के 16 मामले और कुटुंब न्यायालय से जुड़े 11 मामलों सहित कई अन्य विवादों का आपसी समझौते से समाधान कराया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया और रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निपटारा संभव हो पाया।

लोक अदालत के दौरान न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने बाल विवाह उन्मूलन विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को भी सम्मानित किया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जगन्नाथपुर की छात्राओं ने निबंध, क्विज और चित्रांकन प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर लक्ष्मी कुमारी, जश्नीता लागूरी और अधयासा महतो सहित अन्य विजेताओं को मोमेंटो और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश (कुटुंब न्यायालय) सूर्य भूषण ओझा, जिला जज विनोद कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अक्षत श्रीवास्तव सहित कई न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Related Post