रांची। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता से हटिया रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी का एक बड़ा प्रयास विफल कर दिया गया। विशेष अभियान के दौरान आरपीएफ ने तीन नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया और एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार रांची मंडल में मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन कुमार के निर्देश पर आरपीएफ द्वारा मानव तस्करी और बाल तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ऑपरेशन “एएएचटी” के तहत आरपीएफ पोस्ट हटिया, अपराध शाखा आरपीएफ रांची और महिला सुरक्षा सेल रांची की संयुक्त टीम ने रविवार को हटिया रेलवे स्टेशन पर विशेष जांच अभियान चलाया।
अभियान के दौरान 9 मार्च 2026 को करीब 3:30 बजे स्टेशन परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी बीच लगभग 4:15 बजे ट्रेन संख्या 13351 के प्लेटफार्म संख्या 3 पर पहुंचने के बाद उसके सामान्य कोच में जांच की गई। जांच के दौरान तीन नाबालिग लड़कों के साथ एक संदिग्ध व्यक्ति पाया गया। टीम ने जब उससे पूछताछ की तो उसके जवाब संतोषजनक नहीं मिले, जिसके बाद सभी को ट्रेन से उतारकर गहन पूछताछ की गई।
जांच में पता चला कि आरोपी अरुण राम (38 वर्ष), जिला लखीसराय (बिहार) का रहने वाला है। वह नाबालिग बच्चों को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में काम दिलाने के नाम पर प्रति माह 10 हजार रुपये मजदूरी का लालच देकर अपने साथ ले जा रहा था। आगे पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह बिहार से मजदूरों को ले जाकर कपड़ा दुकानों में काम दिलाने का काम करता है।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से मोबाइल फोन, रेलवे के सामान्य टिकट और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए, जिन्हें जब्त कर लिया गया। इसके बाद आरपीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए एएचटीयू कोतवाली रांची को सौंप दिया गया है, जबकि बचाए गए तीनों नाबालिग बच्चों को बालाश्रय रांची भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में आरपीएफ पोस्ट हटिया के निरीक्षक रूपेश कुमार, अपराध शाखा रांची के निरीक्षक, महिला सुरक्षा सेल रांची की निरीक्षक एस.आर. कूजऊर, उपनिरीक्षक सूरज राजबंशी तथा अन्य आरपीएफ कर्मियों की अहम भूमिका रही।

