जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के परसुडीह थाना क्षेत्र में मारपीट के एक मामले को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। परसुडीह मेन बाजार स्थित सेंट्रल बैंक के समीप रहने वाले 60 वर्षीय मोती लाल यादव ने वरीय पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उनके साथ और उनके बेटे के साथ हुई गंभीर मारपीट के मामले में पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बावजूद छोड़ दिया और अब समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है।
मोती लाल यादव के अनुसार 21 फरवरी 2026 की शाम करीब सात बजे वे अपनी आलू की दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान इशु पोद्दार, करण पोद्दार, जोगार्ड पोद्दार, सोनु पोद्दार, मिथुन पोद्दार, देवराज गोप, कुणाल दास, अविनाश गोप, विनोद यादव, गणेश पोद्दार, कृष वर्मा सहित अन्य लोग वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। आरोप है कि इसके बाद सभी ने मिलकर धारदार हथियार और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में मोती लाल यादव और उनके बेटे शुभम यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित का कहना है कि दोनों के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि उनके बेटे का सिर फट गया, दाहिना हाथ तलवार से जख्मी हो गया और उसका एक दांत भी टूट गया।
घटना के बाद दोनों घायलों का इलाज सदर अस्पताल में कराया गया। इसके बाद परसुडीह थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। मोती लाल यादव का आरोप है कि पुलिस ने कुछ आरोपियों को पकड़ा भी, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। उनका कहना है कि कानूनी कार्रवाई करने के बजाय थाना प्रभारी और अन्य पुलिस पदाधिकारी समझौता करने का दबाव बना रहे हैं और काउंटर केस कर जेल भेजने की धमकी भी दी जा रही है।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों का समूह अब भी उनके घर और दुकान के आसपास घूमकर रेकी कर रहा है और खुलेआम धमकी दे रहा है। उनके अनुसार आरोपी धारदार हथियार के साथ इलाके में घूमते हैं और धमकी देते हैं कि जहां भी मिलोगे काट कर रख देंगे। इस वजह से उनका परिवार दहशत में है और दुकान खोलना तथा घर में रहना भी मुश्किल हो गया है।
मोती लाल यादव ने वरीय पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

