रामगढ़:झारखंड के प्रसिद्ध शक्ति पीठ Rajrappa Temple परिसर में एक युवक के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार के मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक Ajay Kumar ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में श्याम लाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उरांव और जॉनसन सुरीन शामिल हैं।
यह मामला उस समय सामने आया जब मंदिर परिसर में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे। इसके बाद एसपी ने पूरे मामले की जांच कराते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की।
मिली जानकारी के अनुसार एक युवक अपने परिवार के साथ मां Chhinnamasta के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर परिसर पहुंचा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और युवक के बीच विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि विवाद पहले मामूली कहासुनी से शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ पुलिसकर्मी युवक के साथ धक्का-मुक्की करते हुए नजर आ रहे हैं और कथित रूप से उसके साथ मारपीट भी की जा रही है। यह घटना उस समय हुई जब युवक के साथ उसके परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि युवक की पत्नी और परिजन बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन स्थिति जल्द ही नियंत्रण से बाहर हो गई।
घटना का सबसे संवेदनशील पहलू यह रहा कि युवक के साथ उसके परिवार के सामने ही मारपीट की गई, जिससे वहां मौजूद लोगों में भी असहजता और नाराजगी देखी गई। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रजरप्पा मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन इस तरह की घटनाएं श्रद्धालुओं के विश्वास को आहत करती हैं। फिलहाल प्रशासन मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।

