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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर चाईबासा में महिला सशक्तिकरण और सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम*

चाईबासा: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर चाईबासा में महिला सशक्तिकरण और सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डीएलएसए पश्चिमी सिंहभूम मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार के निर्देश पर प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी के नेतृत्व में स्थानीय पोस्ट ऑफिस चौक में किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक करना और महिलाओं को उनके अधिकारों व उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देना था। इस दौरान सड़क से गुजरने वाले मोटरसाइकिल चालकों को रोककर हेलमेट पहनने की सलाह दी गई, वहीं कार चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों को पंपलेट के माध्यम से लोगों के बीच बांटकर समझाया गया।

सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य आशुतोष कुमार और अनदलिब हुसैन ने कहा कि देश में हर साल करीब 1 लाख 75 हजार लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में होती है। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोग भी किसी न किसी परिवार के सदस्य होते हैं। इसलिए सभी को सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना चाहिए ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

कार्यक्रम की शुरुआत कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं, सुमित चौधरी, पीएलबी रेणु देवी और अन्य अधिकार मित्रों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इस दौरान नाटक के माध्यम से नारी शक्ति, शिक्षा के महत्व और सामाजिक विकास में महिलाओं की भागीदारी पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। एक शिक्षित महिला दो परिवारों को शिक्षित करने का काम करती है, इसलिए महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता।

कार्यक्रम को सफल बनाने में पीएलबी रेणु देवी, पीएलबी सुमन गोप, चैना दत्ता, हेमराज निषाद, सूरज ठाकुर, चमरू मुंडा, रविकांत ठाकुर, आशिमा चटर्जी और सुजाता गोप ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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