जमशेदपुर: झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हाजी हिदायतुल्लाह खान ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामनेई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे वैश्विक मुस्लिम समुदाय के लिए बड़ी क्षति बताया है।
अपने बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल की कार्रवाइयों से मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय शांति खतरे में पड़ सकती है।
खान ने कहा कि ईरान लंबे समय से यरूशलम और क्षेत्रीय मुद्दों पर मुखर रहा है तथा उसने हमलों का साहसपूर्वक जवाब दिया। उन्होंने नरेंद्र मोदी और भारत सरकार से युद्धविराम के लिए कूटनीतिक पहल करने की अपील की। उनका कहना था कि किसी संप्रभु राष्ट्र के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय मूल्यों के विरुद्ध है।
अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि ऐसे कदम क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ा सकते हैं और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। उन्होंने भारत से संतुलित, न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण रुख अपनाने का आग्रह किया।
अपने वक्तव्य में खान ने दावा किया कि ईरान और भारत के पारंपरिक संबंध रहे हैं और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान ने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का समर्थन किया, जिनमें पाकिस्तान और कश्मीर से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
उन्होंने फिलिस्तीन की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि निर्दोष लोगों की मौतें गंभीर मानवीय संकट का संकेत हैं।
अंत में खान ने खामनेई के निधन को “एक युग का अंत” बताते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थिति में भारत को अपनी विदेश नीति की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि वैश्विक स्तर पर शांति और स्थिरता बनाए रखने में प्रभावी भूमिका निभाई जा सके।

