चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा नगर निकाय वर्ग (ख) के हालिया चुनाव परिणाम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नगर निकाय चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी रहे रमेश खिरवाल ने मतगणना प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए निर्वाचन पदाधिकारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, सदर चाईबासा को लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच तथा सभी मतों की पुनर्गणना कराए जाने की मांग की है।
रमेश खिरवाल ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि 27 फरवरी 2026 को संपन्न हुई मतगणना के दौरान कई स्तरों पर पारदर्शिता का अभाव देखा गया। उनका आरोप है कि मतगणना कर्मियों एवं उपस्थित पदाधिकारियों की कार्यशैली पक्षपातपूर्ण प्रतीत हुई और वे एक विशेष प्रत्याशी नितिन प्रकाश के आसपास ही सक्रिय रहे। उन्होंने यह भी कहा कि मतगणना स्थल का सीसीटीवी फुटेज इसकी पुष्टि कर सकता है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि रद्द घोषित किए गए मतपत्रों की प्रक्रिया स्पष्ट और पारदर्शी नहीं रही तथा सभी प्रत्याशियों को उन मतपत्रों को समुचित रूप से दिखाया नहीं गया। खिरवाल के अनुसार उनके मतगणना एजेंटों को पूरी प्रक्रिया के दौरान स्वतंत्र रूप से निरीक्षण करने नहीं दिया गया, जबकि एक पक्ष विशेष के लोगों की उपस्थिति मतगणना टेबल के आसपास बनी रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिषद के अधिकृत पदाधिकारियों के अतिरिक्त अन्य अनधिकृत कर्मी भी मतगणना टेबल के समीप घूमते पाए गए।
रमेश खिरवाल ने यह भी दावा किया है कि जब उन्होंने मौखिक रूप से आपत्ति दर्ज करानी चाही तो कोई कार्रवाई नहीं की गई। लिखित शिकायत देने के प्रयास के दौरान उन्हें और उनके समर्थकों को मतगणना स्थल से बाहर निकाल दिया गया तथा कथित रूप से जेल भेजने की धमकी भी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे दिन एक प्रत्याशी को छोड़ अन्य प्रत्याशियों एवं उनके एजेंटों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया और भोजन-पानी तक की सुविधा नहीं दी गई। बाहर से लाया गया भोजन भी पुलिस द्वारा फेंक दिए जाने का आरोप उन्होंने लगाया है, जिससे मतगणना एजेंटों पर मानसिक दबाव की स्थिति उत्पन्न हुई।
खिरवाल का कहना है कि अंतिम चरण की मतगणना के दौरान उनके पक्ष में मतों की बढ़त दिखाई दे रही थी, किंतु अंतिम परिणाम में जोड़-घटाव में गड़बड़ी कर उन्हें पराजित घोषित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया है कि एसडीओ तथा अन्य पदाधिकारियों की मिलीभगत से वास्तविक आंकड़ों में परिवर्तन कर नितिन प्रकाश को 504 मतों से विजयी घोषित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम समय में उन्हें अपने काउंटिंग एजेंट से मिलने तक नहीं दिया गया।
इन आरोपों के साथ रमेश खिरवाल ने सभी मतपत्रों की पुनः निष्पक्ष एवं पारदर्शी पुनर्गणना, रद्द मतपत्रों की विशेष जांच, संपूर्ण प्रकरण की स्वतंत्र जांच तथा अन्य राज्य से निष्पक्ष मतगणना कर्मियों को बुलाकर प्रक्रिया दोबारा संपन्न कराने की मांग की है। उन्होंने अपनी शिकायत की प्रतिलिपि मुख्य निर्वाचन कार्यालय, रांची तथा जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम को भी प्रेषित की है।
अब देखना यह है कि प्रशासन एवं निर्वाचन प्राधिकरण इस शिकायत पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या मतगणना प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा की जाती है। फिलहाल, इस मामले ने चाईबासा नगर निकाय चुनाव के परिणाम पर सवाल खड़े कर दिए हैं और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

