जमशेदपुर।शहर के गदरा क्षेत्र में आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से 100 जरूरतमंद लोगों के बीच मंगलवार को साड़ी और धोती का वितरण किया गया। इस अवसर पर संघ के कार्यकर्ताओं ने डायन कुप्रथा, जीव बलि और ओझा-गुनी जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान भी चलाया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुनील आनंद ने कहा कि देवी-देवताओं के नाम पर जीव बलि देना महापाप है और इसका धर्म से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तंत्र-मंत्र के नाम पर किसी को हानि पहुंचाने की बातें निराधार और अंधविश्वास हैं। मंत्र साधना का उद्देश्य मानव के मानसिक और आध्यात्मिक उत्थान के लिए है, न कि किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए।
उन्होंने कहा कि डायन प्रथा और बलि प्रथा पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही सामाजिक बुराइयां हैं, जिन्हें समाप्त करने के लिए वैज्ञानिक, व्यावहारिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण अपनाना होगा। लोगों से अपील की गई कि बीमारी या सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं। परमात्मा भक्ति, कीर्तन और साधना से मनुष्य की आंतरिक शक्ति बढ़ती है और वही समाज को अंधविश्वास से मुक्त कर सकती है।

