चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम नगरकट्टा में मंगलवार को ग्रामीण मुंडा भगवान उर्फ बबलू बिरूवा की अध्यक्षता में ग्राम सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आदिवासी ‘हो’ समाज के पारंपरिक पर्व मगे पोरोब की तिथि और आयोजन को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
ग्राम सभा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी 06 फरवरी 2026 को नगरकट्टा में ग्राम के दियुरी के नेतृत्व में पारंपरिक रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ मगे पोरोब मनाया जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि खरसावां गोलीकांड, सेरेंगसिया घाटी तथा ओड़िशा के कलिंगानगर गोलीकांड में शहीद हुए वीरों के सम्मान में 01 और 02 जनवरी 2026 को फिननिक का आयोजन नहीं किया जाएगा। इन दोनों दिनों में ग्रामीण शहीद स्मारक स्थलों पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
ग्राम सभा में आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के जिलाध्यक्ष शेरसिंह बिरूवा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामीणों का आभार जताते हुए कहा कि एक समान अंतराल में मगे पोरोब मनाने और शहीदों की स्मृति में फिननिक नहीं मनाने का निर्णय समाज में बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर युवा महासभा द्वारा लगातार नुक्कड़ सभा और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने मगे पोरोब के दौरान पारंपरिक दस्तूरों का पालन करने और अश्लील व आधुनिक शब्दों के प्रयोग से बचने की अपील की, जिस पर ग्रामीणों ने सहमति व्यक्त की।
बैठक में डाकुवा गोदादर गोप, बबलू बिरूवा, जुगुराम तियु, पानटुस गोप, रमेश बिरूवा, राजा बिरूवा, पागल सांडिल, विजय तियु सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

