जमशेदपुर। जिला में नगर निकाय चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भले ही अभी तक निकाय चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई हो, लेकिन संभावनाएं जताई जा रही हैं कि फरवरी–मार्च में चुनाव की घोषणा हो सकती है। इसी संभावित चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों और दावेदारों ने अभी से अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
मानगो में मेयर पद को लेकर कांग्रेस के भीतर खासा उथल-पुथल देखने को मिल रही है। हाल ही में झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और जमशेदपुर पश्चिम के पूर्व विधायक बन्ना गुप्ता ने अपनी पत्नी सुधा गुप्ता को मानगो क्षेत्र से मेयर पद का उम्मीदवार घोषित करते हुए चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। इस घोषणा के बाद यह माना जा रहा था कि कांग्रेस खेमे में तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है।
इसी बीच मंगलवार को कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह ने मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी ठोककर सियासी समीकरणों को बदल दिया है। जितेंद्र सिंह जमशेदपुर पश्चिम से पिछला विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं और चुनाव हारने के बाद उन्होंने फिर से कांग्रेस में वापसी की थी। अब मेयर पद पर दावा कर उन्होंने सीधे तौर पर बन्ना गुप्ता को राजनीतिक चुनौती दे दी है।
जितेंद्र सिंह की इस घोषणा से कांग्रेस के अंदर नई चर्चा और हलचल शुरू हो गई है। पार्टी आधारित चुनाव होगा या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन मेयर पद को लेकर कांग्रेस नेताओं की बढ़ती दावेदारी यह संकेत दे रही है कि जमशेदपुर में निकाय चुनाव से पहले ही राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो चुका है।

