जमशेदपुर। कड़ाके की ठंड ने जहां आम लोगों को भारी परेशानी में डाल दिया है, वहीं इसका असर टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के वन्य प्राणियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गिरते तापमान को देखते हुए जू प्रबंधन ने जानवरों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं। बाड़ों में रूम हीटर लगाए गए हैं, साथ ही मोटे पर्दे टांगे गए हैं, ताकि ठंडी हवा अंदर न जा सके और जानवरों को सुरक्षित व गर्म माहौल मिल सके।
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के डायरेक्टर डॉ. अख्तर ने बताया कि ठंड बढ़ने के साथ ही जानवरों के लिए ‘विंटर प्रोटेक्शन प्लान’ लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी संवेदनशील प्राणियों के बाड़ों को गर्म रखने के लिए अतिरिक्त इंतज़ाम किए गए हैं। कुछ बाड़ों की मरम्मत भी कराई गई है ताकि कहीं से ठंडी हवा प्रवेश न कर सके।
शुक्रवार को डॉ. अख्तर ने बताया कि ठंड के बावजूद प्रतिदिन 1,500 से 2,000 दर्शक जू पहुंच रहे हैं। जू में मौजूद बाघ, शेर, चिता, बंदर, बबून, हिरण, मोर और अन्य पक्षी सुबह की धूप का आनंद लेने के लिए खुले मैदानों में निकल जा रहे हैं। ये दृश्य पर्यटकों को काफी आकर्षित कर रहे हैं। दर्शक इन प्राणियों को सामान्य से अलग गतिविधियां करते देख रोमांचित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हैदराबाद जू से एक नए शेर को लाने की प्रक्रिया पर बातचीत चल रही है। साथ ही कुछ अन्य प्रजातियों को भी जू में लाने की योजना बनाई जा रही है। आने वाले महीनों में जू का आकर्षण और भी बढ़ेगा। जनवरी में दर्शकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
दूसरी ओर, जू घूमने आए कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बताया कि जू का माहौल बेहद आनंददायक है। हिप्पो खुले मैदान में बैठकर धूप सेंक रहे हैं, शेर और चीता भी बाहर आकर चहलकदमी कर रहे हैं। बबून और बंदरों की उछल-कूद बच्चों और युवाओं के लिए खास आकर्षण बनी हुई है। छात्रों ने कहा कि उन्हें ऐसा लगा जैसे वे किसी सफारी ज़ोन में घूम रहे हों।
ठंड के मौसम में जू की यह रौनक और वन्य प्राणियों का सक्रिय व्यवहार पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

