जमशेदपुर।शहर में टाटा कंपनी के बर्मामाइंस स्थित पार्किंग स्थल पर गुरुवार को ड्राइवरों ने अवैध वसूली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जमशेदपुर लोकल ट्रेलर ओनर यूनियन के नेतृत्व में सुबह से ही भारी संख्या में ड्राइवर पार्किंग गेट पर जुट गए और गेट को जाम कर दिया, जिसके कारण ट्रेलरों और भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
ड्राइवरों का कहना है कि पार्किंग में तैनात कर्मियों द्वारा उनसे कैश में पार्किंग शुल्क और मेडिकल जांच के नाम पर 250 रुपये वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा टेस्टिंग के दौरान आवश्यकता से अधिक खून लिया जाता है, जिसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया जाता। इससे ड्राइवरों में भय और असंतोष बढ़ गया है।
यूनियन के अध्यक्ष जयकिशोर सिंह ने बताया कि इस पार्किंग का संचालन मनमर्जी से किया जा रहा है और ड्राइवरों से जबरन कैश में रकम वसूली जा रही है, जबकि इस तरह की कोई सरकारी व्यवस्था लागू नहीं है। उन्होंने बताया कि बर्मामाइंस क्षेत्र में प्रतिदिन करीब सात से आठ हजार ड्राइवर टाटा कंपनी के कच्चे माल और उत्पादों की ढुलाई करते हैं, और सभी से इस तरह की रकम लेना पूरी तरह गलत है।
गुरुवार को हुए इस विरोध में यूनियन के कई पदाधिकारी और ड्राइवर शामिल हुए, जिनमें उपाध्यक्ष मनोज कुमार, सचिव राजेश तिवारी, संगठन मंत्री सोनू महतो, सलाहकार बबलू सिंह, और सक्रिय सदस्य बंटी कुंभकार, इमरान अंसारी तथा रवि यादव आदि मौजूद रहे। सभी ने मिलकर प्रशासन से मांग की कि ड्राइवरों पर थोपे गए इस अवैध शुल्क को तुरंत बंद कराया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
ड्राइवरों का कहना है कि यदि वे पैसे देने से इनकार करते हैं तो उन्हें पार्किंग में प्रवेश नहीं दिया जाता, जिसके कारण उन्हें घंटों बाहर लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। बढ़ती आर्थिक तंगी और जबरन वसूली के कारण उनका धैर्य जवाब दे चुका है, जिसके चलते गुरुवार को यह तीखा विरोध प्रदर्शन सामने आया।
यूनियन ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक ड्राइवरों को इंसाफ नहीं मिलता और अवैध वसूली पर रोक नहीं लगाई जाती, पार्किंग गेट जाम आंदोलन जारी रहेगा। इस विरोध के कारण इलाके में ट्रकों की लंबी कतारें लगीं और औद्योगिक क्षेत्र की सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हुई।
यूनियन अध्यक्ष जयकिशोर सिंह ने कहा कि अब जिम्मेदारी प्रशासन और प्रबंधन की है कि वे तत्काल स्थिति पर संज्ञान लें और ड्राइवरों की मांगों पर सकारात्मक कदम उठाएं।

