पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण का मतदान समाप्त होते ही पूरे राज्य की निगाहें अब एग्जिट पोल के नतीजों पर टिक गई हैं। दो चरणों में हुए इस चुनाव में मतदाताओं ने रिकॉर्डतोड़ मतदान कर यह संकेत दे दिया है कि वे सत्ता की चाबी किसे सौंपने जा रहे हैं। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को हुआ था। दोनों चरणों में मतदाताओं का उत्साह देखने लायक रहा।
अब जैसे-जैसे शाम बीत रही है, विभिन्न समाचार चैनलों और एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इनमें अधिकांश सर्वेक्षणों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को स्पष्ट बहुमत का अनुमान जताया है। MATRIZE-आईएएनएस के एग्जिट पोल के अनुसार, एनडीए को 147 से 167 सीटें मिल सकती हैं, जबकि महागठबंधन को 70 से 90 सीटों के बीच सिमटने का अनुमान है।
इसी तरह अन्य आठ एजेंसियों के सर्वेक्षणों में भी एनडीए को 160 के आसपास सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं महागठबंधन के खाते में 70 से 85 सीटें और अन्य दलों को 5 से 10 सीटें मिल सकती हैं। अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं तो यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले गठबंधन की बड़ी जीत होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बार मतदाताओं ने विकास, कानून व्यवस्था और रोजगार के मुद्दों को प्रमुखता दी है। दूसरी ओर महागठबंधन बेरोजगारी, महंगाई और किसान समस्याओं जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ता दिखा।
हालांकि, सभी एग्जिट पोल्स के बावजूद असली तस्वीर 14 नवंबर को मतगणना के दिन ही साफ होगी, जब वोटों की गिनती के बाद परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। तब ही तय होगा कि बिहार की जनता ने किस पर भरोसा जताया है – एनडीए पर या महागठबंधन पर।
राज्यभर में अब राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सभी दलों के मुख्यालयों पर रणनीति बैठकों का दौर शुरू हो चुका है, वहीं समर्थक जश्न और तैयारी में जुट गए हैं। अब 14 नवंबर का दिन तय करेगा कि बिहार की सत्ता की गाड़ी किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

