घाटशिला-: भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित प्रणवानंद विद्या मंदिर इंग्लिश मध्यम उच्च विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक रामकिशोर मुर्मू को एक छात्रा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने के बाद बुधवार शाम को घाटशिला थाना में हिरासत में लिया गया था। हालांकि, गुरुवार सुबह ही उन्हें थाने से रिहा कर दिया गया, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
घटना के बाद से ही ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त था, और रामकिशोर मुर्मू की रिहाई ने इस आक्रोश को और बढ़ा दिया। रामकिशोर मुर्मू की पत्नी देवयानी मुर्मू जिला परिषद सदस्य हैं और भारतीय जनता पार्टी की महिला नेत्री भी हैं। इस मामले में अब तक भाजपा के किसी नेता द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दिए जाने से ग्रामीणों में पार्टी के प्रति भी गुस्सा है।
गुरुवार को विरोध स्वरूप सैकड़ों ग्रामीणों ने बड़ाजोड़ी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीण प्रदर्शनकारी रामकिशोर मुर्मू की गिरफ्तारी और उन्हें जेल भेजने की मांग कर रहे थे। इसके साथ ही उनकी मांग थी कि मुर्मू को प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद से हटाया जाए।
घटना की जानकारी मिलते ही घाटशिला थाना प्रभारी मधुसूदन डे अपने दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बात करने की कोशिश की। हालांकि, आधे घंटे की बातचीत के बाद भी कोई समाधान नहीं निकल सका और पुलिस को बिना किसी निष्कर्ष के लौटना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रामकिशोर मुर्मू लंबे समय से इस तरह की हरकतें करते आए हैं और उनके अनैतिक कार्यों के कारण उन्हें जेल भेजना आवश्यक है। बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और स्थल पर डटे रहे। समाचार लिखे जाने तक दोपहर लगभग 2 बजे तक 200 से अधिक प्रदर्शनकारी जाम स्थल पर मौजूद थे।
मुख्य मार्ग जाम होने से कई लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा, जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की नेता कल्पना सोरेन की रैली में जा रहे कई नेताओं को भी रास्ता बदलकर जाना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे जाम नहीं हटाएंगे।

