*विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जुलूस का किया गया आयोजन*
गारू संवादाता उमेश यादव की रिपोर्ट
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर संयुक्त ग्राम सभा मंच व नरेगा सहायता केंद्र गारु के संयुक्त तत्वधान में गारु अरमू मोड़ से रैली निकाली गयी। साथ ही प्रखंड परिसर सभा का आयोजन भी किया गया।सभा को संबोधित करते हुए बरवाडिह पुर्वी के जिला परिषद सदस्य कन्हाई सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया के इतिहास इस बात का गवाह हैं कि आदिवासी जनों का औपनिवेशीकरण किया गया।उन्हें गुलाम बनाया गया,अपनी संस्कृति छोड़कर पराई संस्कृति को अपनाने के लिए मजबूर किया गया।इतना ही नहीं उन्हें अन्य प्रकार के उत्पीड़नों का शिकार बनाया गया जिसका आदिवासी जनों ने अलग-अलग तरीकों से प्रतिरोध भी किया।दुनिया के अधिकतर राष्ट्र-राज्य आदिवासी जनों की मांगों को मानने से इनकार करते रहे हैं, कि उनको अपनी जमीनों और भू-भागों में ही रहने दिया जाये जो उनकी सामाजिक ब्यवस्थाओं, संस्कृति और पहचान के आधार हैं।NCDHR- DAAA के स्टेट कोर्डिनेटर- मिथलेश कुमार ने कहा कि 9 अगस्त यानी विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी अपने रीति रिवाज को धीरे -धीरे खत्म कर रहे है।जिसके आदिवासियों का रीति-रीवाज ही आदिवासियों का पहचान है।जंगल ,जल ,जमीन आदिवासियों का धरोहर है। आदिवासियों का आजिविका जंगल पर आधारित है,जंगल कटने से आजिविका संकट में है।ग्राम स्वशासन को लागू करने के लिए ग्राम सभा मजबूत करने की जरूरत है
कार्यक्रम को जिला परिसद सदस्य बरवाडीह पूर्वी कन्हाई सिंह,जीरा देवी जिला परिषद सदस्य गारू,विपिन विहारी सिंह,सोमवती देवी,सभील नाथ पैकरा नरेगा सहायता केंद्र गारू, विजय सिंह, कपिलदेव सिंह, मकल देव सिंह,संयुक्त ग्राम सभा मंच बरवाडीह, सुभाष लोहरा,विमल सिंह, महादेव सिंह,अर्जुन परहिया,सत्येंद्र सिंह,गारु प्रखंड के विभिन्न गांव से काफी संख्या आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हुए।

