रेलवे प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग कर ग्रामीणों का रास्ता रोके जाने के खिलाफ ग्रामीण मुक्ति मंच का स्टेशन पर विशाल प्रदर्शन व सभा
चंदवा संवाददाता मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट
चंदवा। ग्रामीण मुक्ति मंच द्वारा रेलवे प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग कर ग्रामीणों का रास्ता रोके जाने के खिलाफ टोरी जंक्शन स्टेशन पर विशाल प्रदर्शन व सभा किया गया, सभा की अध्यक्षता चंदवा पश्चिमी जिला परिषद सदस्य सरोज देवी ने की मंच का संचालन माकपा नेता सह कामता पंचायत समिति सदस्य अयुब खान कर रहे थे, इसके पूर्व कृषि फार्म से विशाल रैली निकाली गई जो इंदिरा गांधी चौंक, थाना मुख्य शहर, सुभाष चौंक, रेलवे क्रासिंग फाटक होते हुए स्टेशन पहुंचे जहां पहले से मुख्य द्वार पर भारी संख्या में सदल बल तैनात रेलवे इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने प्रदर्शनकारियों को रोकते हुए उनसे रेल लाईन जाम नहीं करने की अनुरोध किया, प्रदर्शनकारी एक बार जाम करने पर अड़ गए लेकिन रेल अधिकारियों द्वारा काफी समझाने बुझाने पर प्रदर्शनकारी माने इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य द्वार पर ही सभा की, रैली का नेतृत्व चंदवा पश्चिमी जिला परिषद सदस्य सरोज देवी, सामाजिक कार्यकर्ता सह झामुमो के केंद्रीय समिति सदस्य दीपू कुमार सिन्हा, झारखंड मजदूर कामगार यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप गंझु, माकपा नेता सह कामता पंचायत समिति सदस्य अयुब खान, रूपलाल गंझु, भीम गंझु संयुक्त रूप से कर रहे थे,

वक्ताओं ने कहा कि टोरी जंक्शन अंतर्गत महुआमिलान रेलखंड के माल्हन पंचायत अंतर्गत केकराही गांव स्थित रेलवे पोल संख्या 175/17-18 व ग्राम कामता के परसाही के रेलवे पोल संख्या
182/26 – 28 तथा टोरी भाया लोहरदगा रेलखंड के बीच बोदा – बियरजंघा गांव स्थित रेलवे पोल संख्या 514/12 – 13 पर गांव के सार्वजनिक आम रास्ते को बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए या अंडरब्रिज का निर्माण किए बिना ही पीलरिंग एवं बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया है,
रास्ता बंद किए जाने से माल्हन जमीरा समेत गांवों जिनमें केकराही, केंदुआटांड़, मरमर, देवनदिया, शकलेतेरी, पारटांड़, छठर, पुत्तरी टोला, बोदा के बियरजंघा, हेंदेहास, माटा गढ़ा, बंदरचुआं, भदईटांड़, फूलटांड़, परसाटांड़, पंडरापानी, डूमरचुआं, भैंसछंदान, नेहलदाग, इचारीया, जहाजी पत्थर, रेहड़ादोहर एवं
कामता के भंडारगढ़ा, परसाही आदि दर्जनाधिक आदिवासी- हरिजन बहुल गांव के ग्रामीणों के आवागमन में काफी कठिनाई एवं परेशानी हो रही है,
गांवों के आवागमन का एकमात्र सहारा इस रास्ते को बैरिकेडिंग कर रोक देना एकदम अमानवीय एवं उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने के समान है,
यह कार्रवाई गरीब ग्रामीणों के साथ घोर अन्याय अत्याचार एवं क्रूरता पूर्ण कार्यवाही है,

टोरी रेलवे क्रासिंग से परसाही होते हुए जमीरा गांव तक सड़क की मरम्मती नहीं किए जाने तथा कामता पंचायत के ग्राम भुसाढ के रेलवे ओवरब्रिज से रेल लाईन किनारे- किनारे सड़क का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को गांव से शहर और हॉस्पिटल स्कूल आने जाने में भारी कठीनाई हो रही है,
वहीं बोदा में स्वीकृत रेलवे स्टेशन को दुसरे राजस्व ग्राम गरदाग में रेलवे प्रशासन ने मनमानी करते हुए निर्माण कर दिया जो बोदा के ग्रामीणों के साथ अन्याय है।
ग्रामीणों की हो रही कठिनाइयों की जानकारी के बाद भी और इस मांग को लेकर पूर्व में धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे जाने के बाद भी रेल विभाग उक्त मांगों में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है,
अंत में जिला परिषद सदस्य सरोज देवी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात कार्यक्रम समापन की घोषणा की,
प्रदर्शनकारियों ने रेल मंत्रालय के पदनाम ज्ञापन रेलवे इंस्पेक्टर दीपक कुमार, पुलिस इंस्पेक्टर मदन कुमार शर्मा, रेलवे सब इंस्पेक्टर मनीकांत, सीआई रमेश रवि दास, टीआई संजय कुमार को नौ सुत्री मांग पत्र सौंपा गया जिसमें केकराही गांव के समीप रेलवे पोल संख्या175/17-18 पर अंडरपास अथवा ओवर ब्रिज का निर्माण,
बोदा – बियरजंघा गांव स्थित रेलवे पोल संख्या 514/12 – 13 पर ओवरब्रिज का निर्माण करने,
ग्राम – बोदा में स्वीकृत रेलवे स्टेशन का निर्माण शुरू करने,
बोदा ग्राम में रेलवे एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों के हॉल्ट की स्वीकृति देने,
बोदा ग्राम के रेलवे स्टेशन को दुसरे राजस्व ग्राम गरदाग मे निर्माण कराने में शामिल दोषी रेलवे पदाधिकारियों एवं इससे जुड़े विभाग के लोगों पर कार्रवाई करने,
ग्राम कामता के परसाही के रेलवे पोल संख्या
182/26 – 182/28 पर अंडरपास अथवा ओवर ब्रिज का निर्माण,
टोरी रेलवे क्रासिंग से परसाही होते हुए जमीरा गांव तक सड़क की मरम्मत करने,
कामता पंचायत के ग्राम भुसाढ के रेलवे ओवरब्रिज से रेल लाईन किनारे- किनारे सड़क का निर्माण,
टोरी भाया बालूमाथ – शिवपुरी रेलवे लाईन पर पैसेंजर ट्रेन का परिचालन शुरू करने की मांग शामिल हैं,
मौके पर चंदवा पश्चिमी जिला परिषद सदस्य सरोज देवी, सामाजिक कार्यकर्ता सह झामुमो नेता दीपू कुमार सिन्हा, माकपा नेता सह कामता पंचायत समिति सदस्य अयुब खान, राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि असगर खान, कामता मुखिया नरेश भगत, माल्हन मुखिया जतरु मुंडा, माल्हन पंचायत समिति सदस्य लाछो देवी, कामता ग्राम प्रधान पचु गंझु, बबीता देवी, सुनीता देवी, नागेश्वर गंझु, राजू साव, अबूल अंसारी, बसंत पूजार,
सेराज अंसारी, रूपलाल गंझु, भीम गंझु, रामकिशुन गंझु, जयमंगल गंझु, बुधन गंझु, बसंत गंझू, बिनीता देवी, बबीता देवी, रविशंकर गंझु, करमा गंझु, सुरेश नाथ ल़ोहरा, पूरन गंझु, बाबूलाल मुंडा, कमल गंझु, जमाल अंसारी, अखिंदर महली, सलखा गंझु, रूपन गंझु, तेतर गंझु, मनपूरन गंझु, अरसद अंसारी, रुपेश गंझु, इम्तियाज अंसारी, मंगरा महली, तैयब अंसारी, रविशंकर गंझु, रुपन भोगता, मुनीया देवी, दिनेश गंझु, गुजरा गंझु, बाबूलाल गंझु, मंटु भोग्ता, संदीप गंझु, मुनेश गंझु, हरिलाल गंझू, रामलाल गंझु, बिकु गंझु, ललन गंझु, सुनील ठाकुर, जयमंगल गंझु, दिलीप गंझु, निर्मल मुंडा, विजय मुंडा, लोरेंस मुंडा, मनोज मुंडा, बॉबी मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं शामिल थे।

