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आदिम जनजाति परिवार का दुषित और संक्रमित पानी की सेवन से खतरे में है जिवन : अयुब खान

आदिम जनजाति परिवार का दुषित और संक्रमित पानी की सेवन से खतरे में है जिवन : अयुब खान

चंदवा। कामता पंचायत के ग्राम चटुआग की परहैया टोला में विलुप्त हो रहे आधे दर्जन आदिम जनजाति परिवार पानी समस्या से जूझ रहे हैं, करीब 35 सदस्य ढ़ोढ़ा के समीप बने चुआंड़ी का दुषित पानी का सेवन करने से उनके जीवन खतरे में हैं, सामाजिक कार्यकर्ता सह चतरा लोकसभा छेत्र से प्रत्याशी रहे अयुब खान ने आदिम जनजाति परिवार से मुलाकात की, आदिम जाति परिवारों ने पानी की समस्या से उन्हें अवगत कराया, अयुब खान ने बताया कि दूषित और संक्रमित पेयजल की समस्या इस टोले में आज भी बरकरार है, शुद्ध पेयजल मानव के लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत जरूरी है, शुद्ध जल स्वास्थ्य की बुनियादी आवश्यकता है, शुद्ध पेयजल के लिए भले ही कुछ भी बातें और दावे किए जाते हों लेकिन सभी को शुद्ध जल उपलब्ध कराने की बात आज तक पूरी नहीं हो पाई है, आदिम जनजाति टोले में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार और जिला प्रशासन हर संभव प्रयास कर रही है लेकिन यहां के लोग स्वच्छ पानी के लिए आज भी तरस रहे हैं, पदाधिकारियों की मनमानी और लापरवाही के कारण ग्रामीण लघु जलापूर्ति योजना से भी यहां के लोगों को कोई फायदा नहीं हो रहा है,

आदिम जाति के सुनीता परहिन, दसवा परहैया, राजकुमार गंझु, परमेश्वर गंझु, सकिंदर गंझु, हरवा गंझु, बिफई परहैया व अन्य ने बताया कि हम लोग दसकों से गंदे पानी पीकर गुजारा कर रहे हैं, चुआंडी में किड़े भी डुबे रहते हैं मजबूरण इसी कीड़ेयुक्त पानी को पीना और इसी से खाना पकाना पड़ रहा है, वर्षा होने के बाद चुआंड़ी बाढ में डुब जाती है इससे पानी संकट और भी बढ़ जाता है, पानी समस्या की जानकारी सभी को है लेकिन स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की ओर किसी का ध्यान नहीं है, अयुब खान ने नल से पानी की आपूर्ति प्रत्येक घरों में कराने पर जोर दिया है।

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