जमशेदपुर: केरला समाजम मॉडल स्कूल (KSMS), जमशेदपुर ने दिवाली के अवसर पर सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदना की मिसाल पेश करते हुए जरूरतमंदों और ट्रांसजेंडर समुदाय के बीच त्योहार की खुशियां साझा कीं। स्कूल की ओर से प्रोजेक्ट ‘मुस्कान सेतु – टच अ लाइफ, बी द चेंज’ के तहत सेवा और सहयोग से जुड़ी दो विशेष पहल की गईं।
इस क्रम में स्कूल की ओर से बर्मामाइंस स्थित हिंद आश्रम के निवासियों के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई। इसमें 20 किलो चीनी, 80 किलो सूजी, 25 किलो अरहर दाल, 20 किलो सोया चंक्स और 10 किलो अमूल्या मिल्क पाउडर शामिल था। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंदों की सहायता करने के साथ उनके जीवन में सहयोग और अपनत्व का भाव मजबूत करना रहा।
वहीं, दिवाली की खुशियों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की पहल के तहत स्कूल ने सामाजिक संस्था पीपल फॉर चेंज (People for Change) के सहयोग से ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों के बीच दिवाली उपहार पैकेट वितरित किए। इन पैकेटों में मिठाइयां, मोमबत्तियां, तेल, मिट्टी के दीये, सोनपापड़ी और फुलझड़ियां शामिल थीं। इस पहल के जरिए समुदाय के सदस्यों को त्योहार की खुशियों में शामिल करने और सामाजिक समावेशिता का संदेश देने का प्रयास किया गया।
दोनों कार्यक्रम स्कूल के चेयरमैन टी. के. सुकुमारन और प्राचार्या रीना बनर्जी के मार्गदर्शन में आयोजित किए गए। इस दौरान डायरेक्टर एकेडमिक्स नंदिनी शुक्ला, प्राचार्या रीना बनर्जी, हेडमिस्ट्रेस सुजाता सिंह, वाइस प्रिंसिपल ए. एल. अब्राहम, रजिस्ट्रार वृंदा सुरेश, एनवायरनमेंट क्लब की मॉडरेटर शीला सुधाकरण और दीप्ति चक्रवर्ती, गाइड्स कैप्टन सुधा वर्मा सहित एनवायरनमेंट क्लब के सदस्य तथा स्कूल की स्काउट्स एंड गाइड्स यूनिट के विद्यार्थी मौजूद रहे।
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, करुणा, सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भाव विकसित करने का संदेश दिया गया। स्कूल का मानना है कि त्योहारों की सार्थकता केवल पारंपरिक उत्सव और रोशनी तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियां लाने और समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने में है।
प्रोजेक्ट ‘मुस्कान सेतु’ के माध्यम से KSMS विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक और संवेदनशील सामाजिक बदलाव का वाहक बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

