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Wed. Nov 4th, 2026

झारखंड में अब हर तीन महीने पर होगी खाद्यान्न गोदामों की जांच, गड़बड़ी मिलने पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

रांची। झारखंड में खाद्यान्न भंडारण और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने गोदामों की निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत अब राज्य के सभी खाद्यान्न गोदामों का प्रत्येक तीन महीने में अनिवार्य रूप से निरीक्षण किया जाएगा। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इस संबंध में सभी विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारियों और जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। निरीक्षण पूरा होने के बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी विस्तृत रिपोर्ट ऑनलाइन मॉड्यूल में अपलोड करनी होगी।

विभागीय समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कई जिलों में खाद्यान्न गोदामों का नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। इससे गोदामों में उपलब्ध अनाज की वास्तविक मात्रा, भंडारण की स्थिति और संचालन व्यवस्था की सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। इस लापरवाही को देखते हुए विभाग ने निरीक्षण की समयसीमा निर्धारित कर दी है।

नए निर्देश के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाले अनाज को गोदामों में अलग-अलग रखा जाएगा। इससे दोनों योजनाओं के खाद्यान्न का हिसाब स्पष्ट रहेगा और वितरण में होने वाली गड़बड़ियों पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।

निरीक्षण के दौरान यदि किसी गोदाम में अनाज की कमी या पुराना बैकलॉग पाया जाता है तो इसके कारणों की जांच होगी। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई की जानकारी विभाग को भी देनी होगी।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में खाद्यान्न की कमी पाए जाने पर संबंधित जिला प्रबंधक और जिला आपूर्ति पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। सरकार का मानना है कि नियमित जांच और ऑनलाइन रिपोर्टिंग से गोदामों की व्यवस्था में सुधार होगा तथा लाभुकों तक निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न पहुंचाना सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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