जमशेदपुर। जुगसलाई के शिव घाट रोड स्थित बाल्टी कारखाना के निकट करीब 1.83 एकड़ जमीन को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। इस जमीन पर दोबारा बाउंड्रीवाल और घेराबंदी किए जाने की सूचना के बाद ईशा वेलफेयर सोसाइटी ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। सोसाइटी ने इस संबंध में धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी को लिखित आवेदन सौंपकर जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने, कथित रजिस्ट्री की जांच कराने और अवैध निर्माण पर रोक लगाने का आग्रह किया है।
सोसाइटी के अध्यक्ष एमडी शमशेर आलम की ओर से 3 नवंबर 2026 को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि संबंधित जमीन का विवरण खाता संख्या 158 तथा प्लॉट संख्या 26, 28, 29, 30, 31, 32, 33, 34, 35 और 36 के रूप में दर्ज है। इसका कुल रकबा लगभग 1.83 एकड़ बताया गया है। आवेदन के अनुसार, इस जमीन को लेकर पूर्व में अंचलाधिकारी न्यायालय में बीपीएलई वाद संख्या 68/2020-21 के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। सोसाइटी का कहना है कि वर्ष 1973 के सर्वे खतियान में भी उक्त जमीन बिहार सरकार के नाम दर्ज बताई गई है। ऐसे में जमीन के वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड, स्वामित्व और कानूनी स्थिति की नए सिरे से जांच जरूरी है।
आवेदन में आशंका जताई गई है कि पहले अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन पर फिर से बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जा रहा है। यदि जमीन सरकारी है तो उस पर किसी व्यक्ति या संस्था की ओर से घेराबंदी अथवा निर्माण कराया जाना गंभीर मामला हो सकता है। सोसाइटी ने प्रशासन से निर्माण कार्य की वैधता की जांच करने और जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार के संभावित अतिक्रमण पर रोक लगाने की मांग की है।
मामले में नगर परिषद की ओर से सौरभ कुमार अग्रवाल और राजेश कुमार अग्रवाल को नोटिस जारी किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। सोसाइटी ने सवाल उठाया है कि जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ा दावा करने वाली रेणुका खुल्लर की भूमिका और उनके दस्तावेजों की भी जांच होनी चाहिए। संगठन ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश देने का आग्रह किया है कि रेणुका खुल्लर को भी नोटिस जारी कर उनसे रजिस्ट्री के दस्तावेज, जमीन के स्वामित्व का आधार और अन्य राजस्व अभिलेख मांगे जाएं। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन की रजिस्ट्री किन दस्तावेजों के आधार पर हुई और संबंधित व्यक्ति का उस पर वैध मालिकाना अधिकार है या नहीं।
ईशा वेलफेयर सोसाइटी ने जमीन की सरकारी अमीन से विधिवत मापी कराने, सभी प्लॉटों का सीमांकन करने तथा पुराने और वर्तमान राजस्व अभिलेखों का मिलान कराने की भी मांग की है। सोसाइटी का मानना है कि प्रशासनिक जांच और सीमांकन से जमीन को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों का समाधान हो सकता है। संगठन ने इस जमीन को बच्चों और युवाओं के हित में सार्वजनिक खेल मैदान के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा है, ताकि जुगसलाई क्षेत्र के बच्चों को खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।
इस संबंध में सोसाइटी के अध्यक्ष एमडी शमशेर आलम, उपाध्यक्ष रिजवान गद्दी, सचिव कारी उबैदुल्लाह और कोषाध्यक्ष मोहम्मद राजू के साथ कोर कमेटी के सदस्य मोहम्मद शकील, मोहम्मद अताउल्लाह उर्फ पप्पू भाई, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद कासिफ, मोहम्मद शाहिद, अलीशान गद्दी और मोहम्मद एकलाख ने प्रशासन से जनहित में त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है।

