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KPS कदमा की वार्षिक प्रदर्शनी में दिखी छात्रों की प्रतिभा, STEM और ‘7 Cs’ के संगम ने बटोरी सराहना

जमशेदपुर: केरला पब्लिक स्कूल (KPS), कदमा में मंगलवार को सीनियर स्कूल परिसर में वार्षिक प्रदर्शनी 2026 का आयोजन किया गया। कक्षा IX से XII तक के विद्यार्थियों ने इस प्रदर्शनी में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) पर आधारित विभिन्न मॉडल, प्रोजेक्ट और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच का प्रदर्शन किया। सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रदर्शनी का उद्घाटन एकेडमिक डायरेक्टर लक्ष्मी आर, प्रिंसिपल शर्मिला मुखर्जी, हेड मिस्ट्रेस अलमेलु रविशंकर, चीफ- क्वालिटी एंड ब्रांड एनफोर्समेंट सोमनाथ राघवन तथा स्कूल के कोऑर्डिनेटर्स ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन के साथ ही विभिन्न विषयों पर आधारित विद्यार्थियों की परियोजनाओं का अवलोकन शुरू हुआ। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता, विषयों की समझ और व्यावहारिक ज्ञान का प्रभावशाली परिचय दिया।

इस वर्ष प्रदर्शनी की मुख्य थीम STEM रही, जिसे शिक्षा के सात महत्वपूर्ण कौशल यानी ‘7 Cs’ के साथ जोड़ा गया। इनमें क्रिटिकल थिंकिंग, क्रिएटिविटी, कोलैबोरेशन, कम्युनिकेशन, कैरेक्टर, सिटीजनशिप और कॉम्पिटेंस शामिल हैं। प्रदर्शित मॉडलों और परियोजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने बताया कि किस तरह इन कौशलों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जोड़कर सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाया जा सकता है।

विज्ञान के साथ अन्य विषयों की भी दिखी झलक

प्रदर्शनी की खास बात यह रही कि इसका दायरा केवल विज्ञान और तकनीक तक सीमित नहीं था। अंग्रेजी, हिंदी, गणित, सामाजिक विज्ञान, इतिहास और भूगोल जैसे विषयों को भी इसमें प्रमुखता से शामिल किया गया। विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों ने आपसी सहयोग से ऐसे प्रोजेक्ट तैयार किए, जिनमें किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक समझ और रचनात्मक दृष्टिकोण का समावेश देखने को मिला।

स्कूल के विभिन्न क्लबों की ओर से तैयार किए गए वर्किंग और नॉन-वर्किंग मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे। वर्किंग मॉडल के जरिए विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक सिद्धांतों और तकनीकी प्रक्रियाओं को कार्यशील रूप में प्रस्तुत किया, जबकि नॉन-वर्किंग मॉडल में शोध, कल्पनाशीलता और कलात्मक अभिव्यक्ति देखने को मिली।

UNESCO ASPNet के मूल्यों को भी किया प्रदर्शित

UNESCO Associated Schools Network (ASPNet) का सदस्य होने के नाते स्कूल ने प्रदर्शनी के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, वैश्विक नागरिकता और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों को भी रेखांकित किया। विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने संयुक्त परियोजनाओं के जरिए विषयों के बीच आपसी जुड़ाव और सामूहिक प्रयासों की अहमियत को प्रदर्शित किया।

इस अवसर पर एकेडमिक डायरेक्टर लक्ष्मी आर ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में नवाचार और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, प्रिंसिपल शर्मिला मुखर्जी ने भी विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और रचनात्मकता की प्रशंसा की।

कार्यक्रम के समापन पर अभिभावकों और अन्य आगंतुकों ने विद्यार्थियों की परियोजनाओं और प्रस्तुतियों की सराहना की। वार्षिक प्रदर्शनी 2026 ने एक बार फिर यह साबित किया कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रयोग, अनुभव, सहयोग और नवाचार के माध्यम से भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करती है।

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