चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड के घोड़ाबंधा गांव में नाबालिग प्रेमी युगल के शादी कर साथ रहने का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने संवेदनशील पहल की है। बाल विवाह की सूचना मिलने पर बाल अधिकार सुरक्षा मंच, पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक संस्था एस्पायर ने हस्तक्षेप करते हुए विशेष ग्राम सभा आयोजित की। इसमें दोनों परिवारों को समझाया गया कि कम उम्र में शादी करने के बजाय बच्चों की शिक्षा और भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। काफी समझाइश के बाद दोनों परिवारों ने ग्राम सभा के निर्णय पर सहमति जताई।
जानकारी के अनुसार, घोड़ाबंधा गांव का दसवीं कक्षा में पढ़ने वाला एक नाबालिग छात्र और खड़पोस पंचायत के पोंडुवाबुरू गांव की दसवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के बीच प्रेम प्रसंग था। इसी दौरान दोनों ने शादी कर ली और साथ रहने लगे। इसकी जानकारी बाल अधिकार सुरक्षा मंच, प्रखंड विकास पदाधिकारी और सामाजिक संस्था एस्पायर को मिली। इसके बाद संबंधित लोगों ने दोनों परिवारों से संपर्क कर मामले का समाधान निकालने की पहल शुरू की।
इस संबंध में घोड़ाबंधा गांव में विशेष ग्राम सभा बुलाई गई। इसकी अध्यक्षता स्थानीय ग्रामीण मुंडा सोनाराम हेंब्रम ने की। बैठक में दोनों परिवारों को आमने-सामने बैठाकर बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि कम उम्र में वैवाहिक जिम्मेदारियां उठाने से बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। फिलहाल उनकी प्राथमिकता शिक्षा पूरी करना और अपने भविष्य को बेहतर बनाना होना चाहिए।
ग्राम सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि दोनों नाबालिग 18 वर्ष की उम्र पूरी होने तक अलग-अलग रहेंगे और अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे। दोनों परिवारों ने भी भरोसा दिया कि बच्चों की शिक्षा में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी तथा उन पर साथ रहने या शादी को लेकर दबाव नहीं बनाया जाएगा। बैठक में स्पष्ट किया गया कि बालिग होने के बाद भी विवाह और साथ रहने का निर्णय लागू कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही लिया जा सकेगा।
ग्राम सभा ने इस घटना को बाल विवाह के खिलाफ गांव में जागरूकता बढ़ाने का अवसर भी माना। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि घोड़ाबंधा को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए पंचायत स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। कम उम्र में शादी से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल बाल अधिकार सुरक्षा मंच, पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासन को दी जाएगी। साथ ही परिवारों को बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इस पहल में मझगांव प्रखंड बाल अधिकार सुरक्षा मंच के अध्यक्ष मनोज हेंब्रम, घोड़ाबंधा पंचायत के मुखिया विवेकानंद पूर्ति, खड़पोस पंचायत के मुखिया प्रताप चातार, मझगांव मुखिया प्रतिनिधि सह जेकेएलएफ सदस्य मोहम्मद फैयाज, त्रिलोक हेंब्रम, घनश्याम चातार, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नारायण मतिं, अब्दुल अकिन, एम. चिश्ती, जामदार हेंब्रम, चंद्र मोहन चातार और पूर्ण चंद्र लागुरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

