चाईबासा: झारखंड स्थापना दिवस और महान स्वतंत्रता सेनानी धरती आबा भगवान वीर बिरसा मुंडा की जयंती को भव्य रूप से मनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसे लेकर रविवार को वीर बिरसा मुंडा स्मारक समिति, सुफलसाई की बैठक सरायकेला चौक स्थित वीर बिरसा मुंडा स्मारक परिसर में आयोजित की गई। बैठक में आगामी 15 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और झारखंड स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर पूरे स्मारक परिसर को फूलों, रंग-बिरंगी लाइटों और विद्युत झालरों से सजाया जाएगा। परिसर की साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। समिति की ओर से एक बैनर लगाया जाएगा, जिसमें सभी पदाधिकारियों और सदस्यों के नाम के साथ उनकी तस्वीरें रहेंगी।
कार्यक्रम में झारखंड सरकार के परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा और पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार को आमंत्रित करने पर भी चर्चा हुई। उनके आगमन की पुष्टि आमंत्रण और उपलब्धता के आधार पर होगी।
बैठक में सदस्यों ने कहा कि 15 नवंबर झारखंड के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। इसी दिन वर्ष 2000 में झारखंड अलग राज्य बना था और भगवान बिरसा मुंडा की जयंती भी मनाई जाती है। भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा आदिवासी समाज के अधिकार और स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया। उनके विचार और बलिदान आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
समिति ने सभी सदस्यों से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने और आपसी सहयोग से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों से भी आयोजन में शामिल होने का आग्रह किया जाएगा।
बैठक में समिति की संरक्षक मोनिका बोयपाई, अध्यक्ष अर्जुन बानरा, उपाध्यक्ष चोकरो बानरा, कोषाध्यक्ष भरत खलखो, सचिव जॉर्ज जॉनसन और सोशल मीडिया प्रभारी विष्णु मिंज सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। बैठक के अंत में सभी ने 15 नवंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया।

