चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी प्रखंड क्षेत्र में मानवता और सामाजिक सहयोग की मिसाल सामने आई है। यहां बेसहारा कैंसर पीड़ित राजेश दास की मौत के बाद समाजसेवी जितेंद्र गोप ने पहल कर उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया। इस कार्य में बस्ती के लोगों ने भी आर्थिक सहयोग देकर अपनी भागीदारी निभाई।
जानकारी के अनुसार, राजेश दास पिछले करीब 15 दिनों से घर में बिस्तर पर लाचार अवस्था में पड़े थे। उनकी स्थिति काफी खराब थी। इसकी जानकारी मिलने पर समाजसेवी जितेंद्र गोप ने 1 अक्टूबर को उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया। जांच के दौरान पता चला कि राजेश दास कैंसर से पीड़ित थे। बीमारी के कारण उनके शरीर में कई गंभीर घाव हो गए थे। देखभाल के लिए उनके पास कोई परिजन या अटेंडर नहीं था। ऐसे में जितेंद्र गोप ने खुद जिम्मेदारी उठाई और निजी चिकित्सकों को बुलाकर कई बार उनकी ड्रेसिंग कराई तथा इलाज में हरसंभव सहयोग किया। इसके बावजूद 29 अक्टूबर को राजेश दास की मौत हो गई।
उनकी मौत के बाद अंतिम संस्कार की व्यवस्था करना चुनौती थी। इस दौरान जितेंद्र गोप ने बस्ती के लोगों को एकजुट किया। उल्लेखनीय है कि पिछले एक वर्ष से बस्ती में सामाजिक सहयोग की पहल चलाई जा रही है। इसके तहत किसी परिवार में मृत्यु होने पर प्रत्येक घर से स्वैच्छिक रूप से 100 रुपये जमा कर जरूरतमंद परिवार की मदद की जाती है।
इसी पहल के तहत इस बार करीब 6,500 रुपये एकत्र किए गए। इसी राशि से चाईबासा श्मशान घाट में राजेश दास का विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कराया गया।
इस कार्य में झींकपानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. हेम्ब्रम और पीएलवी रेणु देवी का भी विशेष सहयोग रहा। उनके मार्गदर्शन से अस्पताल की प्रक्रियाओं और अन्य व्यवस्थाओं में मदद मिली।
इस पहल के माध्यम से बस्ती के लोगों ने दिखाया कि जरूरत के समय सामूहिक सहयोग से बेसहारा व्यक्ति को भी सम्मानजनक विदाई दी जा सकती है।

