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Wed. Oct 28th, 2026

*खनिज नियमावली में बदलाव नहीं हुआ तो ग्रामीण संवेदक करेंगे कार्य बहिष्कार: सुनील सिरका*

चाईबासा: झारखंड सरकार के खान एवं भू-तत्व विभाग की अधिसूचना संख्या 2506 के तहत जारी झारखंड लघु खनिज समनुदान द्वितीय संशोधन नियमावली, 2026 का ग्रामीण संवेदक संघ ने विरोध किया है। संघ के अध्यक्ष सुनील सिरका ने सरकार के इस फैसले को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विकास कार्यों के लिए नुकसानदायक बताया है। उन्होंने नियमावली में आवश्यक बदलाव नहीं होने पर सामूहिक कार्य बहिष्कार और आंदोलन की चेतावनी दी है।

सुनील सिरका ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुलिया, स्कूल और पंचायत भवन बनाने वाले छोटे व मंझोले ठेकेदारों पर नए नियमों से आर्थिक बोझ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अवैध या बिना चालान के खनिज उपयोग पर खनिज मूल्य और रॉयल्टी के दोगुने जुर्माने के साथ डीएमएफ, मैनेजमेंट फीस और सेस जोड़ने का प्रावधान संवेदकों के लिए परेशानी पैदा करेगा।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य में पत्थर खदानों की लीज बंद है और बालू घाटों से वैध चालान उपलब्ध नहीं हो रहे हैं, तो ठेकेदार चालान कहां से लाएंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार पहले खनिजों के पर्याप्त भंडारण और आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करे, इसके बाद ही चालान की अनिवार्यता लागू की जाए।

संघ अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ईंट और मिट्टी पर दस गुना राजस्व वसूली का नियम स्थानीय कुटीर उद्योगों और प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने मांग की कि यह नियम केवल नए टेंडरों पर लागू हो और पहले से चल रही ग्रामीण विकास योजनाओं को इससे बाहर रखा जाए।

उन्होंने दूर-दराज के क्षेत्रों में काम करने वाले संवेदकों के लिए ऑनलाइन चालान की जटिलताओं को दूर कर सरल वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की भी मांग की।

सुनील सिरका ने चेतावनी दी कि मांगों पर विचार नहीं होने पर पश्चिमी सिंहभूम ग्रामीण संवेदक संघ सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार करेगा। साथ ही जिला से राज्य मुख्यालय तक आंदोलन किया जाएगा और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी निर्माण कार्य ठप करने का निर्णय लिया जा सकता है।

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