जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की पहल से एक अनाथ बच्चे को नया परिवार और सुरक्षित भविष्य मिला है। बुधवार को समाहरणालय में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने दत्तक ग्रहण की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चे को उसकी नई मां को सौंप दिया। बच्चे को गोद लेने वाली महिला न्यूजीलैंड की निवासी हैं और एकल अभिभावक के रूप में उसका पालन-पोषण करेंगी। इस पहल से बच्चे को स्नेह, सुरक्षा और पारिवारिक वातावरण में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।
संबंधित बच्चा सोनारी स्थित विशेष दत्तक ग्रहण संस्था में रह रहा था। संस्था में उसकी देखभाल के साथ स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का भी ध्यान रखा जा रहा था। केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) के दिशा-निर्देशों और निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। प्रक्रिया संपन्न होने के बाद उपायुक्त ने बच्चे को उसकी दत्तक मां के सुपुर्द किया।
इस अवसर पर उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि जिला प्रशासन अनाथ और बेसहारा बच्चों की सुरक्षा, देखभाल, संरक्षण तथा पुनर्वास को प्राथमिकता देता है। प्रत्येक बच्चे को ऐसा पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है, जहां उसे स्नेह, सम्मान और बेहतर भविष्य के लिए जरूरी अवसर मिल सकें। उन्होंने दत्तक मां को शुभकामनाएं देते हुए बच्चे के स्वस्थ, सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जिला प्रशासन के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल 2026 से अब तक पूर्वी सिंहभूम जिले के आठ अनाथ बच्चों को दत्तक परिवारों के सुपुर्द किया जा चुका है। प्रशासन की यह पहल बच्चों को संस्थागत देखभाल से आगे बढ़ाकर स्थायी पारिवारिक संरक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विधिसम्मत दत्तक ग्रहण के माध्यम से बच्चों को नया परिवार देने का यह प्रयास उनके जीवन में सुरक्षा, अपनापन और नई उम्मीदें पैदा कर रहा है।

