चाईबासा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), पश्चिम सिंहभूम ने सुरक्षित बचपन अभियान की शुरुआत की। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में 26 से 31 अक्टूबर तक जिले के विभिन्न विद्यालयों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसी क्रम में सोमवार को सूरजमल जैन डीएवी पब्लिक स्कूल, चाईबासा में कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य वक्ता डीएलएसए सचिव रवि चौधरी ने विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम 2012 और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में बताते हुए कहा कि किसी के व्यवहार से असहज महसूस होने पर बच्चों को माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय बड़े व्यक्ति को बताना चाहिए। ऐसी घटना के लिए बच्चा जिम्मेदार नहीं होता, इसलिए चुप रहने के बजाय मदद मांगनी चाहिए।
उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पॉक्सो कानून के तहत बच्चों के यौन शोषण से जुड़े अपराधों पर कार्रवाई का प्रावधान है। बच्चों को किसी भी तरह के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
बाल संरक्षण कार्यकर्ता अधिकार मित्र विकास दोदराजका ने डीएलएसए की कार्यप्रणाली और बच्चों के अधिकारों की जानकारी दी। शिक्षा विभाग के सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी सुभाष हेंब्रम ने विद्यार्थियों से कानून की जानकारी रखने और किसी परेशानी की स्थिति में अभिभावकों व शिक्षकों को बताने की अपील की।
जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनीता तिवारी ने बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यों की जानकारी दी। विद्यार्थियों के सवालों का जवाब रवि चौधरी ने दिया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका मनीषा सिंहा ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रभारी प्रधानाध्यापक एस. द्विवेदी ने दिया। मौके पर शिक्षिका सुमित्रा कुमारी, अधिकार मित्र असीमा चैटर्जी, रेणु देवी, चूमरू देवगम सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी उपस्थित थे।

