चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में सोमवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सविता टोपनो और सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में विकसित भारत जी राम जी योजना, विभिन्न आवास योजनाओं और 15वें वित्त आयोग की राशि से संचालित कार्यों की प्रखंडवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को योजनाओं की प्रतिदिन समीक्षा करने और नियमित रूप से क्षेत्रीय निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान जियो टैग वाली तस्वीरें लेने को भी कहा, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
उपायुक्त ने कहा कि धनतेरस तक जिले के 101 पंचायत भवनों का पुनः लोकार्पण करने की तैयारी है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी समय पर मरम्मत और अन्य जरूरी कार्य पूरे कराएं। पंचायत भवनों की छत से पानी रिसने की समस्या दूर करने और वर्षा जल संचयन के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया।
15वें वित्त आयोग की राशि का 50 प्रतिशत से कम खर्च करने वाले प्रखंड समन्वयकों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया। मुख्यालय में नहीं रहने वाले प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों, सहायक अभियंताओं और कनीय अभियंताओं से भी कारण पूछा जाएगा।
उपायुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान आवास योजना और डॉ. भीमराव अंबेडकर आवास योजना के लंबित आवासों को जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किस्तों के भुगतान के साथ निर्माण कार्य की प्रगति की भी नियमित निगरानी जरूरी है।
बैठक में मुखिया के मानदेय भुगतान की समीक्षा करते हुए एक नवंबर तक सितंबर माह का मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने और दीपावली से पहले अक्टूबर माह का भुगतान करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने अधिकारियों से योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन करने और ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जवाबदेही के साथ काम करने को कहा।

