Breaking
Fri. Oct 23rd, 2026

टाटा स्टील वेस्ट बोकारो में हाइड्रोसीडिंग तकनीक की शुरुआत, खदानों में मिट्टी का कटाव रोकने और हरियाली बढ़ाने की पहल

जमशेदपुर/वेस्ट बोकारो। टाटा स्टील के वेस्ट बोकारो डिवीजन ने टिकाऊ खनन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने खनन क्षेत्रों में हाइड्रोसीडिंग तकनीक की शुरुआत की है। इस आधुनिक तकनीक का उद्देश्य खदानों से निकले मलबे के ढलानों को स्थिर करना, मिट्टी के कटाव को रोकना और प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से हरियाली विकसित कर पारिस्थितिक संतुलन बहाल करना है।

हाइड्रोसीडिंग बीज बोने की एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें बीज, मल्च, पानी, उर्वरक और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने वाले अन्य पदार्थों के विशेष मिश्रण को मशीन की मदद से बड़े क्षेत्र में छिड़का जाता है। यह तकनीक विशेष रूप से खदानों से निकले मलबे के ढेर और दुर्गम ढलानों पर उपयोगी है, जहां पारंपरिक तरीके से पौधरोपण करना कठिन और समय लेने वाला होता है।

इस तकनीक के इस्तेमाल से खुले ढलानों पर मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करने, ढलानों की स्थिरता बढ़ाने और भूस्खलन के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, बीजों के अंकुरण के लिए नमी बनाए रखने, वनस्पतियों की वृद्धि तेज करने और खनन से प्रभावित भूमि पर प्राकृतिक हरियाली विकसित करने में भी यह तकनीक प्रभावी साबित हो रही है। दुर्गम क्षेत्रों में मैनुअल काम की आवश्यकता कम होने से श्रमिकों की सुरक्षा बेहतर बनाने में भी सहायता मिलती है।

हाइड्रोसीडिंग मशीन की छिड़काव क्षमता 50 मीटर तक है। इसकी मदद से 80 मीटर तक फैले खदानों के ढलानों को प्रभावी ढंग से कवर किया जा सकता है। इससे उन क्षेत्रों तक भी आसानी से पहुंच संभव हो पाती है, जहां सामान्य तरीकों से पौधरोपण करना चुनौतीपूर्ण होता है। शुरुआती परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में वनस्पतियों की अच्छी वृद्धि और ढलानों पर हरियाली का विस्तार देखा गया है।

इस पहल के तहत अब तक 50 एकड़ से अधिक क्षेत्र को कवर किया जा चुका है। इसमें खनन क्षेत्र, नर्सरी और खदानों से निकले मलबे के ढेर शामिल हैं। इस तकनीक के माध्यम से कम समय में वनस्पतियों की स्थापना और हरित आवरण विकसित करने में मदद मिल रही है, जिससे जैव विविधता को बढ़ावा देने और स्थानीय पर्यावरण की गुणवत्ता सुधारने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

टाटा स्टील का वेस्ट बोकारो डिवीजन इस पहल के माध्यम से नवाचार, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सुरक्षा आधारित खनन प्रक्रियाओं को बढ़ावा दे रहा है। कंपनी का उद्देश्य खनन से प्रभावित भूमि का तेजी से पुनर्वास करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना और पर्यावरण के साथ संतुलन बनाए रखते हुए टिकाऊ खनन की दिशा में आगे बढ़ना है।

Related Post