पलामू। झारखंड के पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र में डायन-बिसाही के अंधविश्वास में एक 61 वर्षीय व्यक्ति की हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले का उद्भेदन करते हुए मुख्य आरोपी सोनू राम (53) को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई लकड़ी के बेंट वाली टांगी भी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के शाहपुर टोला, मंगराडीह गांव निवासी सीताराम (61), पिता स्वर्गीय छठन राम की 21 अक्टूबर 2026 को हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने डायन-बिसाही के आरोप में हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। इस संबंध में नौडीहा बाजार थाना कांड संख्या 97/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(2) और डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के अंतर्गत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
अनुसंधान के दौरान पुलिस को पता चला कि गांव के महंग राम के 23 वर्षीय पुत्र विवेक कुमार की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी। रांची में इलाज के दौरान 20 और 21 अक्टूबर की दरम्यानी रात उसकी मौत हो गई थी। विवेक की मौत के बाद उसके चाचा सोनू राम और परिवार के अन्य सदस्यों को संदेह हुआ कि सीताराम द्वारा डायन-बिसाही कराए जाने के कारण उसकी मृत्यु हुई है। पुलिस जांच में इसी अंधविश्वास और संदेह के चलते सीताराम की हत्या किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, सीताराम की गला घोंटकर और टांगी से वार कर हत्या की गई थी।
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 22 अक्टूबर को मुख्य आरोपी सोनू राम, पिता स्वर्गीय गणेशी राम, निवासी शाहपुर टोला, मंगराडीह को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टांगी बरामद की गई है।
छापेमारी दल में नौडीहा बाजार थाना प्रभारी पु०अ०नि० नीरज कुमार, स०अ०नि० मो० आलम शेख, स०अ०नि० राजेश बैठा और थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।
पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने लोगों से अपील की है कि डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं और अंधविश्वास के लिए समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। किसी की बीमारी या मृत्यु के लिए किसी व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराकर प्रताड़ित करना या हिंसा करना अनुचित और कानूनन दंडनीय है। उन्होंने लोगों से ऐसी परिस्थितियों में अंधविश्वास के बजाय चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की।
वहीं, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने स्पष्ट किया कि अंधविश्वास के आधार पर किसी को प्रताड़ित करने या कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से डायन-बिसाही के नाम पर प्रताड़ना या हिंसा की किसी भी घटना की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया।

