जमशेदपुर: साकची स्थित चेनाब रोड दुर्गा एवं कालीबाड़ी की दुर्गापूजा इस वर्ष 104वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। मंदिर समिति के महासचिव शांतनु बोस ने बताया कि इस बार मां दुर्गा की प्रतिमा पारंपरिक ‘डाकेर साज’ में तैयार की गई है। पूजा विशुद्ध सिद्धांत पंचांग के अनुसार हो रही हैं। विशुद्ध सिद्धांत पंचांग के लिए प्रत्येक वर्ष महाअष्टमी पर पुष्पांजलि में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जबकि महानवमी पर विशेष पूजा और हवन-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। समिति की ओर से प्रतिदिन श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद (भोग) वितरित किया जा रहा है। पूजा आयोजन में अध्यक्ष अशोक कुमार भट्टाचार्य, महासचिव शांतनु बोस, ट्रस्टी असीम कुमार कर, ईश्वरचंद्र परमानिक, प्रबाल कांति सरकार, सुनील चटर्जी तथा संयुक्त सचिव विश्वजीत बनर्जी, शांतनु हाजरा, सुब्रत विश्वास, कालाचांद कुइला सहित अन्य सदस्य जुटे हैं। गौरतलब है कि वर्ष 1923 में कालिमाटी मैदान, वर्तमान बंगाल क्लब मैदान के सामने, पूजा शुरू हुई थी। बाद में टाटा स्टील ने चेनाब रोड में पूजा के लिए जमीन दी। तब से यहां दुर्गापूजा आयोजित हो रही है।

