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स्वच्छ और हरित भारत के निर्माण में जनभागीदारी जरूरी : नीतीश कुमार

जमशेदपुर। स्वच्छ भारत के संकल्प को साकार करने के लिए आम लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। स्वच्छता केवल सरकारी अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे हर व्यक्ति की दैनिक आदत का हिस्सा बनाना होगा। यह बात टाटानगर के एरिया रेलवे मैनेजर नीतीश कुमार ने मंगलवार को सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), जमशेदपुर में आयोजित स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के समापन समारोह में कही। उन्होंने स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के निर्माण में सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया।

सीएसआईआर-एनएमएल में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ थीम के तहत अभियान चलाया गया। इसके माध्यम से कर्मचारियों, विद्यार्थियों और उनके परिवारों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, संसाधनों के पुनः उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। अभियान का औपचारिक समापन समारोह 13 अक्टूबर को आयोजित हुआ।

समारोह में सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने स्वच्छता अभियान के तहत किए गए कार्यों को लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता संबंधी पहलों की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर ऑडिट किया जाना चाहिए। इससे अभियान के दौरान हासिल की गई उपलब्धियों का आकलन करने और कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी।

स्वच्छता ही सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. गोपी किशोर मंडल ने अभियान के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान में सफाई अभियान, पौधरोपण, श्रमदान, जरूरतमंदों के लिए उपयोगी वस्तुओं का संग्रह और कचरे से उपयोगी सामान बनाने जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं।

अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को स्वच्छता की शपथ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ पौधरोपण कार्यक्रम से हुई थी। इसके बाद 21 और 22 सितंबर को स्वच्छ डेस्क एवं स्वच्छ परिसर अभियान चलाया गया। इसमें कर्मचारियों ने अपने कार्यस्थलों की सफाई की और स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जिम्मेदारी प्रदर्शित की।

23 और 24 सितंबर को ‘नेकी की दीवार’ पहल के तहत कर्मचारियों तथा उनके परिजनों ने पुराने कपड़े, किताबें, खिलौने और घरेलू उपयोग की अन्य वस्तुएं दान कीं। एकत्रित सामग्री रामकृष्ण मिशन विवेकानंद सोसाइटी को जरूरतमंद लोगों में वितरण के लिए सौंपी गई। वहीं, 25 सितंबर को स्कूली बच्चों को प्रयोगशाला का भ्रमण कराकर कचरे से उपयोगी उत्पाद तैयार करने की तकनीक के बारे में बताया गया। प्रशासन नियंत्रक जय शंकर शरण ने बच्चों को स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन की जानकारी दी।

29 सितंबर को ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ पहल के तहत रोलिंग बे और एचडीपीएस बे में श्रमदान किया गया। इसी दिन एग्रीको परिसर में ‘स्वच्छता से समृद्धि, कबाड़ से जुगाड़’ कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें बेकार सामग्रियों से उपयोगी वस्तुएं तैयार की गईं। इसके अतिरिक्त 18 सितंबर को ई-ऑफिस प्रबंधन प्रशिक्षण के माध्यम से कागजरहित कार्यप्रणाली और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम के अंत में स्वच्छता समिति के नोडल अधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। अभियान के माध्यम से संस्थान ने स्वच्छता को जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग से जोड़ने का संदेश दिया।

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