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Fri. Oct 9th, 2026

सीएसआईआर-एनएमएल में विद्यार्थियों ने समझीं धातुओं की खूबियां, वैज्ञानिकों से किया सीधा संवाद

जमशेदपुर। विज्ञान की दुनिया को करीब से समझने और अनुसंधान की बारीकियों से रूबरू कराने के उद्देश्य से सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), जमशेदपुर में शुक्रवार को टारापोर स्कूल, एग्रिको के विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिज्ञासा कार्यक्रम के तहत आयोजित इस एक दिवसीय भ्रमण में दसवीं कक्षा के 104 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें 47 छात्राएं और 57 छात्र शामिल थे। विद्यार्थियों के साथ चार शिक्षक भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को खनिज, धातु और पदार्थ विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे वैज्ञानिक अनुसंधान, नई तकनीकों तथा उनके औद्योगिक उपयोगों की जानकारी दी गई। सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान का वास्तविक महत्व उसके व्यावहारिक उपयोग और औद्योगिक समस्याओं के समाधान में है। उन्होंने विद्यार्थियों से सवाल पूछने, नई चीजों को जानने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का आह्वान किया।

आईएमडीसी के प्रमुख एवं वैज्ञानिक-जी डॉ. के. गोपाला कृष्णा ने धातुओं और अन्य पदार्थों के विशेष गुणों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उनके इस्तेमाल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने समझाया कि रोजमर्रा में उपयोग होने वाली वस्तुओं के पीछे भी विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वहीं, वैज्ञानिक-ई डॉ. श्रीदा पी ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के देशव्यापी नेटवर्क और उसकी विभिन्न प्रयोगशालाओं में चल रहे अनुसंधान कार्यों से परिचित कराया। उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी भी दी।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने एनएमएल की विभिन्न प्रयोगशालाओं का दौरा किया और वैज्ञानिक अनुसंधान की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा। वैज्ञानिकों के साथ संवाद ने उन्हें पाठ्यपुस्तकों में पढ़े जाने वाले सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप में समझने का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम के समापन पर प्रशासन नियंत्रक जय शंकर शरण ने सतर्कता जागरूकता विषय पर व्याख्यान दिया। इसके बाद डॉ. के. गोपाला कृष्णा के संचालन में विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्कूल के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर बनाने की प्रेरणा देने में सहायक हैं।

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