Breaking
Sun. Oct 4th, 2026

*मोबाइल के दौर में भी पुस्तकालय का अपना अलग महत्व : उत्कर्ष कुमार*

चाईबासा: पुलहातु स्थित कुडुख पुस्तकालय का 18वां स्थापना दिवस रविवार को उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पश्चिमी सिंहभूम के उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार तथा विशिष्ट अतिथि आदिवासी उरांव समाज संघ के अध्यक्ष संचू तिर्की और मुख्य सलाहकार सहदेव किस्पोट्टा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत महान शिक्षाविद स्वर्गीय बाबा कार्तिक उरांव की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद लाइब्रेरीमेन संजय कच्छप ने उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार को पुस्तकालय का भ्रमण कराया और वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं गतिविधियों की जानकारी दी। स्थापना दिवस के अवसर पर उत्कर्ष कुमार ने केक काटा, जिसे छात्र-छात्राओं के बीच वितरित किया गया।

बताया गया कि दो अक्टूबर 2008 को संजय कच्छप के प्रयास और समाज के सहयोग से पुलहातु में पहला पुस्तकालय स्थापित किया गया था। इसके बाद उन्होंने चाईबासा, चक्रधरपुर सहित झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में कई पुस्तकालयों की स्थापना की। इन पुस्तकालयों के माध्यम से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन कर लाभ उठा रहे हैं।

मुख्य अतिथि उत्कर्ष कुमार ने पुस्तकालय स्थापना के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि मोबाइल और अन्य संचार माध्यमों के दौर में भी पुस्तकालय का अपना अलग महत्व है। पुस्तकालय ऐसा स्थान है, जहां विद्यार्थियों को एकाग्र होकर पढ़ाई करने का वातावरण मिलता है। लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एकाग्रता जरूरी है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से सूचीबद्ध तरीके से नियमित अध्ययन करने और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने की अपील की। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

संजय कच्छप की ओर से चाईबासा और चक्रधरपुर में कुडुख पुस्तकालय बान टोला, कार्तिक उरांव पुस्तकालय कुमार टोली, कुडुख पुस्तकालय मेरी टोला, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर पुस्तकालय गाड़ीखाना, कार्तिक उरांव पुस्तकालय, धरती आबा बिरसा मुंडा पुस्तकालय, सिधो-कान्हू पुस्तकालय, वीर बुदू भगत पुस्तकालय, वीरांगना सिंगी कुईली दाई पुस्तकालय और धूमकुड़िया पुस्तकालय खोले गए हैं।

इन पुस्तकालयों से अध्ययन कर सरकारी नौकरी पाने वालों में कनकलता खलखो, अमित तिर्की, मंगल लकड़ा, रोहन तिग्गा, युवराज लकड़ा, रामेश्वर बोयपाई, मनीष राम रवि, सोनी टोप्पो, गुड़िया तिर्की, अंजलि उरांव, सूरज उरांव, बांधना कच्छप, मनजीत कच्छप, हिम्मत लकड़ा, आशीष खलखो और सूरज नुनिया के नाम बताए गए।

समारोह में संचू तिर्की, सहदेव किस्पोट्टा, दुर्गा खलखो और मनजीत कच्छप ने भी छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया। धन्यवाद ज्ञापन बाबूलाल बरहा ने किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में लालू कुजूर, महावीर बरहा, विष्णु मिंज, सुबीर लकड़ा, राजेश कच्छप, खुदिया कुजूर, बासु तिर्की, वार्ड पार्षद लक्ष्मी कच्छप, बिजयलक्ष्मी लकड़ा, हीरा टोप्पो, लक्ष्मी बरहा, शंकर कच्छप, सरिता खलखो, सोनिया कच्छप और निशा कच्छप सहित अन्य लोगों का योगदान रहा।

Related Post