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Wed. Sep 23rd, 2026

कैट ने नए ई-कॉमर्स नियमों का किया स्वागत, पारदर्शिता और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद

जमशेदपुर: कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्र सरकार की ओर से अधिसूचित उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) (संशोधन) नियम, 2026 का स्वागत किया है। कैट ने इसे डिजिटल व्यापार व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।

नए नियमों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सर्च रिजल्ट में हेरफेर पर रोक, स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग की स्पष्ट पहचान, छूट और कीमतों की जानकारी में पारदर्शिता, शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने तथा डार्क पैटर्न्स पर नियंत्रण जैसे प्रावधान किए गए हैं। सरकार के अनुसार, हर ई-कॉमर्स इकाई को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के कन्वर्जेंस सिस्टम का हिस्सा बनना होगा।

सर्च रिजल्ट और स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग में पारदर्शिता

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल और राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेश सोंथालिया ने कहा कि कैट लंबे समय से डीप डिस्काउंटिंग, अपारदर्शी एल्गोरिद्म, भ्रामक प्रचार और सर्च रिजल्ट में हेरफेर जैसे मुद्दे उठाता रहा है। उनके अनुसार, नए नियम इन चिंताओं को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

संशोधित नियमों के तहत प्लेटफॉर्म ऐसे तरीके से सर्च रिजल्ट में हेरफेर नहीं कर सकेंगे, जिससे यूजर गुमराह हो या सर्च क्वेरी की प्रासंगिकता प्रभावित हो। वहीं, स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग की स्पष्ट और प्रमुख पहचान करना अनिवार्य होगा।

छूट की वास्तविक जानकारी देनी होगी

कैट के राष्ट्रीय चेयरमैन बृजमोहन अग्रवाल ने स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग के खुलासे और मूल्य कटौती की जानकारी को स्पष्ट करने के प्रावधान का स्वागत किया। संशोधित नियमों के अनुसार, किसी उत्पाद या सेवा पर कीमत घटाने की घोषणा होने पर घटाई गई कीमत के साथ पिछली कीमत भी प्रदर्शित करनी होगी। पिछली कीमत का अर्थ उस घोषणा से पहले के 30 दिनों में सबसे कम कीमत से है।

कैट ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को कीमतों की तुलना करने में अधिक स्पष्टता मिल सकती है और ऑनलाइन खरीदारी में पारदर्शिता बढ़ सकती है।

सरकार से आगे भी सख्त कदम उठाने की मांग

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया ने सरकार से अगले चरण में प्रिडेटरी प्राइसिंग और लॉस-फंडिंग जैसी प्रथाओं पर कार्रवाई, ई-कॉमर्स में एफडीआई नियमों के अनुपालन, सर्च रैंकिंग और उत्पाद अनुशंसा एल्गोरिद्म में अधिक पारदर्शिता तथा चुनिंदा विक्रेताओं को प्राथमिकता देने की व्यवस्था पर नियंत्रण की मांग की।

उन्होंने उपभोक्ता और विक्रेता डेटा की सुरक्षा, एमएसएमई विक्रेताओं को समयबद्ध भुगतान तथा विक्रेताओं से लिए जाने वाले शुल्क, कमीशन और अन्य प्रभारों के स्पष्ट खुलासे की भी मांग रखी।

शिकायत निवारण व्यवस्था होगी मजबूत

सरकार के अनुसार, नए नियमों में शिकायत निवारण व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। ई-कॉमर्स इकाइयों को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के साथ जुड़ना होगा। साथ ही शिकायत दर्ज होने के बाद उपभोक्ता को शिकायत की प्रति उपलब्ध कराने सहित अन्य जवाबदेही संबंधी प्रावधान किए गए हैं।

कैट ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी और उपभोक्ता मामले विभाग का भी आभार जताया। संगठन का कहना है कि डिजिटल वाणिज्य का विकास ऐसा होना चाहिए, जिसमें बड़े प्लेटफॉर्म के साथ छोटे व्यापारी, खुदरा विक्रेता, महिला उद्यमी, स्टार्टअप और एमएसएमई भी समान अवसर पा सकें।

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