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Wed. Sep 23rd, 2026

350 छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल, गुड़ाबांदा आवासीय विद्यालय में रात को घुसा हाथी,बाउंड्री वॉल और मेन गेट तोड़कर निकला

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के गुड़ाबांदा प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक अब सरकारी संस्थानों तक पहुंच गया है। मंगलवार देर रात करीब 2:30 से 3 बजे के बीच एक विशालकाय हाथी झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय की बाउंड्री वॉल तोड़कर परिसर में घुस गया। हाथी की तेज आवाज और परिसर में हुई हलचल से छात्राओं और वार्डन की नींद खुल गई। अचानक स्कूल परिसर में हाथी को देखकर छात्राओं में दहशत फैल गई और कुछ देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।

बताया गया कि परिसर में प्रवेश करने के बाद हाथी हॉस्टल भवन की ओर बढ़ने लगा। हाथी को हॉस्टल की तरफ आता देख छात्राएं और विद्यालय कर्मी सहम गए। गनीमत रही कि हाथी हॉस्टल भवन तक नहीं पहुंचा। इससे पहले उसने किचेन शेड को अपनी सूंड से धक्का मारा। टीन के शेड से तेज आवाज होने पर हाथी वहां से मुड़ गया। इसी दौरान उसका शरीर विद्यालय की दीवार से टकराया, जिससे दीवार में कई जगह दरारें पड़ गईं।

परिसर से बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलने पर हाथी विद्यालय के मुख्य द्वार की ओर पहुंचा और जोर लगाकर मेन गेट को तोड़ते हुए बाहर निकल गया। हाथी के उत्पात से विद्यालय के किचेन गार्डन, विभिन्न पौधों, पाइपलाइन, सीढ़ियों और कई स्थानों पर लगे टाइल्स को नुकसान पहुंचा है। बाउंड्री वॉल और मुख्य गेट के क्षतिग्रस्त होने से विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

विद्यालय में करीब 350 छात्राएं आवासीय व्यवस्था के तहत रहती हैं। इसके अलावा वार्डन, शिक्षिकाएं और अन्य कर्मचारी भी परिसर में रहते हैं। रात के समय हाथी के विद्यालय परिसर में घुसने की घटना से छात्राओं में भय का माहौल है। कई छात्राएं घटना के बाद से सदमे में बताई जा रही हैं।

विद्यालय की वार्डन ने कहा कि छात्राओं और विद्यालय कर्मियों की सुरक्षा को देखते हुए बाउंड्री वॉल को तत्काल मजबूत और ऊंचा कराया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हाथी का इस तरह विद्यालय परिसर में प्रवेश करना गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है। यदि हाथी हॉस्टल भवन तक पहुंच जाता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।

घटना की जानकारी बुधवार सुबह जिला की प्रभारी पदाधिकारी बिंदु झा, उपायुक्त कार्यालय, प्रखंड कार्यालय, क्षेत्रीय मुखिया, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों तथा विधायक प्रतिनिधि को फोन और व्हाट्सऐप के माध्यम से दी गई। विद्यालय प्रबंधन ने क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के साथ छात्राओं की सुरक्षा के लिए हाथियों की आवाजाही को रोकने के प्रभावी उपाय किए जाने की मांग की है।

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