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*प्राकृतिक महापर्व करम भाई-बहनों के स्नेह और प्रकृति संरक्षण का संदेश देता है : रोहित दास*

चाईबासा : प्राकृतिक महापर्व करम (करमा) के अवसर पर भाजपा चाईबासा नगर महामंत्री रोहित दास ने जिलेवासियों, झारखंड वासी यो सहित पूरे देशवासियों के भाई-बहनों और सभी प्रकृति प्रेमियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि करम पर्व प्रकृति के प्रति सम्मान, भाई-बहनों के बीच स्नेह और परिवार तथा समाज में आपसी प्रेम का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण पर्व है।

रोहित दास ने कहा कि हमारा जीवन पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर है। जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि प्रकृति की रक्षा करें। यदि हम प्रकृति को सुरक्षित रखेंगे तो प्रकृति भी आने वाली पीढ़ियों के जीवन को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने लोगों से करम पर्व के अवसर पर अधिक से अधिक पेड़-पौधों की रक्षा करने और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि करम पर्व की परंपरा में करम डाली और करम वृक्ष का विशेष महत्व है। पर्व के दौरान बहनें और महिलाएं करम देव की पूजा-अर्चना करती हैं तथा परिवार की सुख-समृद्धि और भाई-बहनों के मंगल की कामना करती हैं। कई स्थानों पर करम की डाली को विधि-विधान के साथ स्थापित कर पूजा की जाती है। इसके बाद पारंपरिक गीत और नृत्य के माध्यम से पर्व मनाया जाता है।

रोहित दास ने करमा-धरमा की पारंपरिक कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कथा भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का संदेश देती है। करम पर्व हमें यह सीख देता है कि परिवार और समाज में एक-दूसरे के प्रति सम्मान तथा सहयोग की भावना बनी रहनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में करम पर्व की परंपराओं को समझना और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। पर्व केवल पूजा और उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण, सामाजिक एकता और भाई-बहनों के बीच स्नेह का संदेश भी देता है। उन्होंने सभी लोगों से करम पर्व को आपसी प्रेम, भाईचारे और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना के साथ मनाने की अपील की।

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