धनबाद। धनबाद का वासेपुर इलाका सोमवार को एक बार फिर गोलियों की आवाज से दहल उठा। भुली मोड़ के समीप अज्ञात अपराधियों ने अंडा कारोबारी शानू खान और उनके भाई फहीम खान को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अचानक हुई गोलीबारी में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के दुकानदारों तथा राहगीरों के बीच दहशत का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह दोनों भाई कारोबार के सिलसिले में भुली मोड़ के पास मौजूद थे। इसी दौरान हथियारों से लैस हमलावर वहां पहुंचे और दोनों पर फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने कई राउंड गोलियां चलाईं। गोली लगने के बाद दोनों भाई मौके पर गिर पड़े, जबकि हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद वहां से फरार हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
स्थानीय लोगों की मदद से घायल शानू खान और फहीम खान को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों का इलाज चल रहा है। उनकी हालत को लेकर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से सात खाली खोखे बरामद किए हैं। इसके अलावा आसपास मौजूद लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने हमलावरों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमलावर किस दिशा से आए थे और घटना के बाद किस रास्ते से फरार हुए। साथ ही दोनों घायलों के आपराधिक अथवा कारोबारी संपर्क और हाल के विवादों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
वासेपुर में इससे पहले भी आपराधिक गिरोहों के बीच संघर्ष और कारोबारियों से रंगदारी से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। 2026 में भी इलाके से जुड़े कई आपराधिक मामलों में पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। फरवरी में फहीम खान के बेटे इकबाल खान को निशाना बनाकर की गई फायरिंग में उनके चालक के घायल होने की घटना सामने आई थी। ऐसे में सोमवार की घटना को पुलिस आपसी रंजिश, रंगदारी अथवा कारोबारी विवाद समेत विभिन्न पहलुओं से जोड़कर जांच कर रही है। हालांकि, फिलहाल हमले के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद वासेपुर और भुली मोड़ इलाके में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। पुलिस संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

