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Thu. Sep 17th, 2026

छाताबाद में फिर भू-धंसान, आधा दर्जन मकान जमींदोज; 55 घरों पर मंडराया खतरा, 500 लोग विस्थापन की कगार पर

धनबाद। कतरास के छाताबाद क्षेत्र में बुधवार शाम अचानक जमीन धंसने से अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते करीब आधा दर्जन मकान भू-धंसान की चपेट में आकर मलबे में तब्दील हो गए। घटना के बाद इलाके के करीब 55 अन्य घरों पर भी खतरा मंडराने लगा है। जमीन में जगह-जगह बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। खतरे को देखते हुए करीब 500 लोग अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, छाताबाद में भू-धंसान की यह पहली घटना नहीं है। पिछले दो महीनों के दौरान क्षेत्र में तीसरी बार जमीन धंसने की घटना हुई है। इससे पहले 7 जुलाई और 7 अगस्त को भी भू-धंसान हुआ था। पिछली घटनाओं के बाद प्रभावित परिवारों को जिस सामुदायिक भवन में रखा गया था, वह भवन भी इस बार भू-धंसान की चपेट में आकर ध्वस्त हो गया। सड़क और आसपास की जमीन पर उभरी चौड़ी दरारों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

लगातार हो रही घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ गई है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि पिछली घटनाओं के बाद पुनर्वास और प्रभावित क्षेत्र में स्टोविंग कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय पार्षद मो. शहाबुद्दीन ने कहा कि लंबे समय तक विरोध-प्रदर्शन के बाद बीसीसीएल की ओर से सर्वे कराने और लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका।

घटना की जानकारी मिलने के बाद बाघमारा के अंचलाधिकारी गिरजानंद किस्कु मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके बाद बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर भू-धंसान की समस्या के स्थायी समाधान और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। लगातार हो रही घटनाओं के बीच स्थानीय लोग अब आश्वासन के बजाय पुनर्वास और सुरक्षा के लिए ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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