सिमडेगा। जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने को लेकर शनिवार को पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी थानों में पिछले माह दर्ज और निष्पादित मामलों की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने लंबित कांडों के शीघ्र निष्पादन और उद्भेदन के साथ अनुसंधान की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया।
बैठक में पुलिस पदाधिकारियों को कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा गया। प्राथमिकी दर्ज होने के 60 और 90 दिनों के भीतर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने, संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तथा सक्रिय अपराधियों और नक्सलियों के सत्यापन पर विशेष जोर दिया गया। जमानतदारों का सत्यापन करने और लंबित वारंटों का समय पर निष्पादन करने का भी निर्देश दिया गया।
अपराध नियंत्रण के लिए प्रमुख सड़कों पर निगरानी कैमरे लगाने, गश्ती व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा बिट पुलिसिंग को बेहतर तरीके से लागू करने को कहा गया। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित वाहन जांच अभियान चलाने और मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के साथ दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों को ई-डीएआर में दर्ज करने का निर्देश दिया गया। घटनास्थल और उपलब्ध साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन एवं दस्तावेजीकरण के लिए ई-साक्ष्य का इस्तेमाल करने तथा गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए सीईआईआर पोर्टल का उपयोग करने को कहा गया।
बैठक में मालखाने और लावारिस संपत्तियों के निष्पादन, अवैध शराब के खिलाफ लगातार छापेमारी, नशे और अड्डेबाजी पर कार्रवाई तथा क्षेत्र में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
आगामी गणेश पूजा और विश्वकर्मा पूजा को देखते हुए पूजा स्थलों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित गश्ती और जांच तथा जुलूस-विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रखने पर विशेष जोर दिया गया। सोशल मीडिया पर निगरानी रखते हुए अफवाह फैलाने या अशांति पैदा करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। सामुदायिक पुलिसिंग के तहत नागरिकों के साथ समन्वय बढ़ाकर जागरूकता अभियान चलाने की बात भी कही गई।
अपराध गोष्ठी में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, वरीय पुलिस उपाधीक्षक, सभी अंचल पुलिस निरीक्षक, थाना एवं ओपी प्रभारी सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। न्यायालय की ओर से अपर लोक अभियोजक भी बैठक में उपस्थित थे।

