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गुलमोहर हाई स्कूल में शिक्षकों ने रचनात्मक गतिविधियों से साझा किए खुशियों के पल

जमशेदपुर। टेल्को स्थित गुलमोहर हाई स्कूल में शिक्षकों के लिए आयोजित रचनात्मक गतिविधियों ने शनिवार को विद्यालय के माहौल को खुशनुमा बना दिया। विद्यालय के ‘हैप्पी स्कूल प्रोग्राम’ के तहत शिक्षकों को नियमित शैक्षणिक जिम्मेदारियों से अलग हटकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने और तनावमुक्त वातावरण में समय बिताने का अवसर दिया गया। इस दौरान शिक्षकों ने क्रोशिया और पॉट-पेंटिंग जैसी गतिविधियों में उत्साह के साथ भाग लिया।

कार्यक्रम के तहत 11 सितंबर को ‘जॉय स्टिच’ के अंतर्गत क्रोशिया कार्यशाला आयोजित की गई। इसका मार्गदर्शन शिबानी दास ने किया। कार्यशाला में करीब 15 शिक्षकों ने हिस्सा लेकर ऊन से विभिन्न कलाकृतियां बनाने की कला सीखी। इसके अगले दिन 12 सितंबर को ‘जॉय पैलेट’ के तहत पॉट-पेंटिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें मेघा और राजेश ने शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। इस गतिविधि में 25 शिक्षक शामिल हुए।

हल्के संगीत के बीच शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ रंगों और ऊन के साथ अपनी रचनात्मकता को आकार दिया। कार्यशाला के दौरान शिक्षक एक-दूसरे की मदद करते नजर आए और लंबे समय बाद अपनी पसंद की गतिविधियों के लिए समय मिलने पर काफी उत्साहित दिखे। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि शिक्षकों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं।

प्राचार्या प्रीति सिन्हा ने कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता को उम्र बढ़ने के साथ मानसिक रूप से सक्रिय रहने के लिए क्रोशिया, कढ़ाई, पेंटिंग, पढ़ने और नए कौशल सीखने जैसी गतिविधियों से जुड़ते देखा है। इसी अनुभव से उन्हें यह विचार आया कि ऐसी रुचियों और गतिविधियों को जीवन में पहले से ही शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों को कुछ समय रुककर नया सीखने, सृजन करने और स्वयं से जुड़ने का अवसर मिले तो इससे उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है।

कार्यशालाओं के समापन के बाद शिक्षकों ने ऐसी गतिविधियों को भविष्य में भी आयोजित करने का आग्रह किया। उनके चेहरों पर नजर आई खुशी ने कार्यक्रम की सफलता को जाहिर किया। विद्यालय की इस पहल ने यह संदेश दिया कि खुशहाल विद्यालय के लिए केवल विद्यार्थियों का प्रसन्न रहना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षित और मार्गदर्शन देने वाले शिक्षकों का खुश और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी जरूरी है।

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