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भर्ती परीक्षाओं की कथित धांधली के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन, सीबीआई जांच और युवाओं पर दर्ज केस वापस लेने की मांग

जमशेदपुर। जेपीएससी और जेएसएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और धांधली के विरोध में भाजपा जमशेदपुर महानगर ने मंगलवार को साकची स्थित उपायुक्त कार्यालय के समक्ष आक्रोश प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने और आंदोलन कर रहे युवाओं पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन का आयोजन भाजपा जमशेदपुर महानगर के तत्वावधान में किया गया। कार्यकर्ता साकची स्थित जिला भाजपा कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा,पूर्व विधायक मेनका सरदार, पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, चंद्रशेखर मिश्रा, नंदजी प्रसाद, दिनेश कुमार, गुंजन यादव, राजेश शुक्ला, राजन सिंह, सुधांशु ओझा, संजीव कुमार, सुबोध झा, प्रेम झा, राजीव सिंह, काली शर्मा और कुसुम पूर्ति समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों से राज्य के लाखों अभ्यर्थियों में असंतोष और निराशा बढ़ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने सरकार से परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

भाजपा नेताओं ने कहा कि अपने अधिकारों और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर आंदोलन करने वाले युवाओं पर मुकदमा दर्ज करना उचित नहीं है। पार्टी ने ऐसे सभी मामलों की समीक्षा कर आंदोलनरत छात्रों और युवाओं पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भाजपा जमशेदपुर महानगर का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त कार्यालय पहुंचा। उपायुक्त की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने एडीसी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रद्द अथवा स्थगित भर्ती परीक्षाओं समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित धांधली और भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने तथा युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की गई। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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