चाईबासा: आदिवासी उराँव समाज संघ की बैठक रविवार को पुलहातु कुड़ुख सामुदायिक भवन में संचु तिर्की की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आगामी 22 सितंबर को होने वाले करम पर्व तथा इसके उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले दो दिवसीय फुटबॉल एवं खेल-कूद सह मिलन समारोह को लेकर चर्चा की गई।
अध्यक्ष संचु तिर्की ने आदिवासी उराँव समाज के लोगों को करम पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए पर्व को परंपरा और श्रद्धा के साथ मनाने का आह्वान किया। सचिव अनिल लकड़ा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष करम पर्व के अवसर पर सिंहभूम स्पोर्ट्स एसोसिएशन फुटबॉल ग्राउंड, चाईबासा में दो दिवसीय फुटबॉल एवं खेल-कूद सह मिलन समारोह का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष बैठक में सर्वसम्मति से आयोजन 25 और 26 सितंबर 2026 को कराने का निर्णय लिया गया। फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों से पूर्व की तरह 1500 रुपये प्रवेश शुल्क लेने का निर्णय भी लिया गया।
मुख्य सलाहकार सहदेव किस्पोट्टा ने कहा कि फुटबॉल सह करमा मिलन समारोह का आयोजन पिछले 41 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। इसमें स्थानीय टीमों के अलावा धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर, मनोहरपुर, ओडिशा और बंगाल समेत अन्य स्थानों की टीमें भी हिस्सा लेती हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज के लोगों के बीच आपसी मेल-जोल और संबंधों को मजबूत करने का माध्यम है।
उप सचिव लालू कुजूर ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन कारगिल युद्ध में शहीद राम भगवान केरकेट्टा को समर्पित है। राम भगवान केरकेट्टा 13 सितंबर 1999 को कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे। उनके सम्मान में शहीद राम भगवान केरकेट्टा दो दिवसीय फुटबॉल एवं खेल-कूद प्रतियोगिता सह मिलन समारोह का आयोजन किया जाता है। उन्होंने समाज के लोगों से 13 सितंबर को पोस्ट ऑफिस चौक, चाईबासा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शहीद राम भगवान केरकेट्टा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने की अपील की। इसी दिन फुटबॉल आयोजन को लेकर अंतिम बैठक भी होगी, जिसमें सभी प्रतिभागी टीमों को उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया।
बैठक के अंत में कोषाध्यक्ष दुर्गा खलखो ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर बाबूलाल बारहा, लक्ष्मण बारहा, महावीर बारहा, संजय कच्छप, सावन खलखो, विजय तिर्की, शंभु कच्छप, तेजो कच्छप, उपदेश लकड़ा, भोला कुजूर, भीम बारहा, पंकज खलखो, राजेश मिंज, भारत कुजूर, वार्ड पार्षद लक्ष्मी कच्छप, सुनिता खलखो, किरण खलखो, सावित्री कच्छप, विष्णु मिंज, खुदिया कुजूर, विजय बारहा, बासु तिर्की, जगन्नाथ लकड़ा, जेना कच्छप और पायलॉट खलखो समेत अन्य उपस्थित थे।

