जमशेदपुर। एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब झाड़ियों के बीच एक भारी-भरकम जीव दिखाई दिया। देखते ही देखते इसकी सूचना पीजी हॉस्टल तक पहुंच गई और छात्र तथा अस्पतालकर्मी सकते में आ गए। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद पुष्टि की कि झाड़ियों में मॉनिटर लिजर्ड यानी गोह छिपी हुई है।
गोह को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पहले दिन काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद रविवार को टीम ने उसे पकड़ने के लिए पिंजड़ा और जाली लगाई। गोह को पिंजड़े की ओर आकर्षित करने के लिए उसमें एक मुर्गे को चारे के रूप में रखा गया। कुछ देर बाद गोह पिंजड़े के पास पहुंची और उसमें फंस गई। वन विभाग के कर्मियों ने सावधानीपूर्वक उसे बाहर निकालकर सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।
इधर, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों और छात्रों का कहना है कि परिसर की झाड़ियों में एक और गोह देखी गई है। इस सूचना के बाद वन विभाग ने दूसरे मॉनिटर लिजर्ड की तलाश भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पकड़ी गई गोह सुरक्षित है और उसे जल्द ही उसके प्राकृतिक आवास के अनुकूल किसी घने जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
मॉनिटर लिजर्ड को स्थानीय भाषा में गोह कहा जाता है। यह आकार में बड़ी छिपकली प्रजाति का वन्यजीव है। इसका शरीर मजबूत, पूंछ लंबी और त्वचा पर खुरदरे शल्क होते हैं। यह जमीन पर तेज गति से चलने के साथ पेड़ों पर भी चढ़ सकती है। आमतौर पर गोह जंगल, झाड़ियों, खेतों तथा नदी-तालाब के आसपास पाई जाती है। इसका भोजन मुख्य रूप से कीड़े-मकोड़े, छोटे जीव, अंडे और छोटे पक्षी होते हैं। सामान्य परिस्थितियों में यह इंसानों से दूरी बनाए रखती है।

