चाईबासा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मारवाड़ी युवा मंच चाईबासा जागृति शाखा ने शुक्रवार को सेवा और मानवीय संवेदना का संदेश दिया। शाखा की सदस्याओं ने चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचकर वहां जन्मे नवजात शिशुओं और उनकी माताओं के साथ जन्माष्टमी की खुशियां साझा कीं। इस दौरान नवजात बच्चों का बाल गोपाल के रूप में स्वागत करते हुए उन्हें उपयोगी सामग्री भेंट की गई।
शाखा अध्यक्ष चंदा अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के दिन नवजात बच्चों के बीच खुशियां बांटने से बढ़कर कोई उत्सव नहीं हो सकता। जरूरतमंदों की सेवा ही सच्ची भक्ति है और इसी भावना को आत्मसात करते हुए मारवाड़ी युवा मंच चाईबासा जागृति शाखा निरंतर सामाजिक सेवा के कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी के पावन अवसर पर अस्पताल पहुंचकर नवजात शिशुओं और उनकी माताओं के बीच समय बिताना बेहद भावुक और सुखद अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि त्योहार की खुशियां समाज के हर वर्ग तक पहुंचें, यही इस पहल का उद्देश्य है।
अस्पताल में जन्मे नवजात शिशुओं को शाखा की ओर से दूध की बोतल, कंबल, डायपर, तौलिया, फल सहित अन्य जरूरी सामान उपहार स्वरूप प्रदान किए गए। बच्चों की माताओं को भी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी गईं। सेवा कार्य के दौरान नवजातों के परिजनों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई।
शाखा की सचिव रिंकी अग्रवाल ने कहा कि जागृति शाखा का प्रयास है कि पर्व और त्योहार केवल व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें सामाजिक सेवा और जरूरतमंदों की सहायता से जोड़ा जाए। इसी उद्देश्य के तहत शाखा की ओर से आगे भी विभिन्न सेवा गतिविधियां जारी रखी जाएंगी।
इस सेवा अभियान में सहयोग के लिए शाखा ने लतिका अग्रवाल और पूजा बगड़िया के प्रति आभार जताया। लतिका अग्रवाल ने बच्चों के लिए तौलिये उपलब्ध कराए, जबकि पूजा बगड़िया ने डायपर का सहयोग किया। कार्यक्रम में शाखा कोषाध्यक्ष खुशबू दोदराजका, मीडिया प्रभारी दीपा दोदराजका सहित शाखा की अन्य सदस्याएं मौजूद रहीं।
सदर अस्पताल प्रबंधन और नवजात शिशुओं की माताओं ने भी जागृति शाखा की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी जैसे पर्व पर अस्पताल में भर्ती परिवारों और नवजात बच्चों के बीच खुशियां साझा करना समाज में सेवा, संवेदना और सकारात्मक सोच का प्रेरक संदेश देता है।

